मुंबई क्रिकेट संघ (एमसीए) के पूर्व अध्यक्ष रवि सावंत ने शुक्रवार (4 जून) को बॉम्बे हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की। इस याचिका में उन्होंने 2020-21 सत्र के लिए मुंबई सीनियर टीम के मुख्य कोच के रूप में अमोल मजूमदार को नियुक्त करने के एमसीए के फैसले पर रोक लगाने की मांग की। बता दें, सावंत ने अदालत से एमसीए को पिछली क्रिकेट सुधार समिति (सीआईसी) के विघटन के फैसले के लंबित रहने तक कोच नियुक्त करने से रोकने का आग्रह किया है।
नियुक्ति प्रक्रिया को बताया असंवैधानिक
सावंत ने इस मामले में एक समाचार पत्र कहा, ‘मेरे पास मुंबई के पूर्व रणजी विजेता कप्तान अमोल के खिलाफ कुछ भी नहीं है, लेकिन उन्हें नियुक्त करने की प्रक्रिया असंवैधानिक है।’ सावंत ने 18 फरवरी को एमसीए द्वारा पिछले सीआईसी को भंग करने को दुर्भावनापूर्ण, मनमाना और बिना किसी अधिकार के करार दिया है।
उन्होंने अदालत से लालचंद राजपूत की अध्यक्षता वाली पिछली सीआईसी को बहाल करने का आग्रह किया है, जिसमें राजू कुलकर्णी और समीर दीघे शामिल हैं। इन आरोपों का जवाब देते हुए संजय नाइक ने समाचार पत्र से कहा, ‘मुंबई के कोच को एमसीए के सीआईसी द्वारा संविधान के प्रावधान के अनुसार नियुक्त किया जाता है, न कि पदाधिकारियों द्वारा। अतीत में भी सीआईसी ने इन नियुक्तियों पर कभी भी पदाधिकारियों या शीर्ष परिषद से परामर्श नहीं किया।’