फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Yograj Singh: 'सब नाम जुड़ने से डरते हैं', अर्जुन तेंदुलकर को कोचिंग नहीं देने पर आया योगराज सिंह का बयान

Sun, 12 Jan 2025 06:25 PM IST
शोभित चतुर्वेदी स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

योगराज का कहना है कि शुरुआती दिनों में अर्जुन उनकी अकादमी में कोचिंग देने आए थे, लेकिन सब नाम जुड़ने से डरते हैं।
विज्ञापन
अर्जुन तेंदुलकर - फोटो : PTI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारतीय टीम के पूर्व ऑलराउंडर युवराज सिंह के पिता योगराज ने पूर्व बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर को कोचिंग नहीं देने पर चुप्पी तोड़ी है। योगराज का कहना है कि शुरुआती दिनों में अर्जुन उनकी अकादमी में कोचिंग देने आए थे, लेकिन सब नाम जुड़ने से डरते हैं। योगराज ने कहा कि कहने के बावजूद अर्जुन दोबारा यहां नहीं आए। 
विज्ञापन

 

'युवी से कहा था सचिन से कहे...'
योगराज ने यू-टयूब पर समदिश भाटिया के साथ साक्षात्कार में कहा, जब बच्चा छोटा होता है तभी से उसके सपने शुरू हो जाते हैं। सचिन के बेटे अर्जुन की बात करें तो वह यहां ट्रायल देने आए थे। अर्जुन ने फिर अपने डेब्यू में ही शतक जड़ा था और फिर उनका आईपीएल में भी चयन हो गया था। जब उन्होंने शतक लगाया और आईपीएल में शामिल हुए तो लोगों को लगा कि इसका नाम ना जुड़ जाए इसके साथ। लोग नाम चिपकने से बड़ा डरते हैं। मैंने युवराज से कहा कि वह सचिन से कहें कि अर्जुन को एक साल के लिए मेरे पास भेजें फिर देखो क्या होता है। 

खुद को बताया भगवान का अवतार
योगराज ने बातचीत के दौरान खुद को भगवान का अवतार भी बताया। योगराज से जब भगवान के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, मुझे लगता है मैं खुदा का अवतार हूं। सभी को मेरे कंधे पर बंदूक रखकर चलाने का शौक है। 
विज्ञापन

योगराज ने गिनाई धोनी की खूबी 
योगराज ने एक बार कहा था कि वह धोनी को कभी माफ नहीं करेंगे, लेकिन अब पूर्व कप्तान के प्रति योगराज का नजरिया बदला है और उन्होंने मैदान पर धोनी के बुद्धिमता की सराहना की है। योगराज ने यू-ट्यूब पर एक साक्षात्कार में कहा, मैं धोनी को एक बहुत ही प्रेरित कप्तान के रूप में देखता हूं, जो लोगों को बता सकता है कि क्या करना है। धोनी के बारे में सबसे अच्छी बात यह थी कि वह विकेट को पढ़कर गेंदबाजों को बता सकते थे कि कहां गेंदबाजी करनी है। मुझे उनका निडर रवैया भी काफी पसंद था। अगर आपको याद हो तो ऑस्ट्रेलिया में मिचेल जॉनसन की गेंद ग्रिल पर लगी थी और वह थोड़ा भी नहीं हिले, धोनी वहीं खड़े रहे और अगली गेंद पर उन्होंने उन्हें छक्का जड़ दिया। ऐसे लोग काफी कम होते हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें