तेज गेंदबाज ऑलराउंडर को अगर अलग कर दिया जाए तो मौजूदा भारतीय टीम में जडेजा और पांड्या ब्रदर्श को छोड़कर वास्तविक एक ऐसे खिलाड़ी की कमी है जो गेंद और बल्ले से अपना योगदान दे सके। रवींद्र जडेजा की भले ही टेस्ट में ऑलराउंडर्स में पहले नंबर पर हों रैंक लेकिन उनका प्रदर्शन कमजोर है। वहीं श्रीलंका दौरे पर गई टीम इंडिया भी ऑलराउंडर्स के नजरिए से ज्यादा समृद्ध नहीं है। देश में कपिल देव जैसे सबसे अच्छे ऑलराउंडर रहे। लेकिन इस समय टीम इंडिया वास्तविक एक ऐसे मैच विजेता खिलाड़ी की कमी से जूझ रही है जो गेंद और बल्ले से बेन स्टोक्स और काइल जेमीसन की तरह धमाल मचा सके।
इस मामले पर भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान कपिल देव का कहना है, हम साल के 10 महीने क्रिकेट खेलते हैं, तो आपके चोटिल होने के ज्यादा चांस हैं। क्रिकेट में आज बुनियादी जरूरत है कि बल्लेबाज बल्लेबाजी करना चाहते हैं और गेंदबाज भी बैटिंग करना चाहते हैं। लेकिन हमारे समय में हमें सब कुछ करना था। इसलिए क्रिकेट आज बदल गया है। कभी-कभी मुझे यह देखकर काफी दुख होता है कि एक गेंदबाज सिर्फ चार ओवर की गेंदबाजी करने के बाद थक जाता है, और मैंन सुना है कि उन्हें तीन या चार ओवर से ज्यादा गेंदबाजी करने की इजाजत नहीं हैा।
इंडिया टीवी से बात करते हुए कपिल देव ने कहा, मुझे अपना समय याद है मैं यह नहीं कहूंगा कि यह सही या गलत यहां तक कि आखिरी खिलाड़ी जो आकर बल्लेबाजी करेगा, हम उसे कम से कम 10 ओवर फेंकेंगे। यह मानसिकता होनी चाहिए जो मांसपेशियों के निर्माण में मदद करती है। लेकिन आज शायद वो चार ओवर उनके लिए काफी हैं, इसलिए हमें हमारी पीढ़ी के बारे में थोड़ा अजीब लगता है।