भारतीय टीम के पूर्व मख्य कोच रवि शास्त्री का कहना है कि फ्रंटफुट तकनीक में बदलाव से केएल राहुल को इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज के दौरान सफलता मिली है। शास्त्री ने भरोसा जताया कि राहुल अगले तीन-चार वर्षों तक अपनी इस फॉर्म में बने रहेंगे। राहुल इंग्लैंड के खिलाफ मौजूदा टेस्ट सीरीज के दौरान अच्छी फॉर्म में नजर आए हैं। उन्होंने तीन टेस्ट मैचों में 62.50 के औसत से 375 रन बनाए हैं जिसमें दो शतक और एक अर्धशतक शामिल हैं।
सीरीज में सर्वाधिक रन बनाने वाले चौथे बल्लेबाज हैं राहुल
राहुल सीरीज में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों में चौथे स्थान पर हैं। उनसे आगे शुभमन गिल, ऋषभ पंत और जैमी स्मिथ हैं। शास्त्री का कहना है कि नई तकनीक से राहुल के बोल्ड या एलबीडब्ल्यू आउट होने की संभावना कम हुई है। शास्त्री ने आईसीसी रिव्यू में कहा, मैंने देखा है कि राहुल ने फ्रंटफुट में कुछ तकनीकी बदलाव किया है और डिफेंस के समय स्टांस भी बदला है।
शास्त्री ने यह भी कहा कि इंग्लैंड के हालात में स्विंग लेती गेंदों का सामना करने के लिए भी राहुल के पास तकनीक है। उन्होंने कहा, वह तकनीक का धनी है। अभी तक गेंद में इतना मूवमेंट दिखा नहीं है लेकिन अगर गेंद मूव भी करती है तो उसके पास इसका सामना करने की तकनीक है। दुनिया में ऐसा कोई नहीं होगा जिसने यह कहा हो कि राहुल के पास प्रतिभा नहीं है। गुस्सा इस बात का था कि इतना प्रतिभाशाली होते हुए भी वह प्रदर्शन नहीं दे पा रहा लेकिन इस सीरीज में उसे शानदार लय में देखा है।
शास्त्री को उम्मीद- 50 के आसपास रहेगा राहुल का औसत
शास्त्री ने उम्मीद जताई कि राहुल का बल्लेबाजी औसत अगले कुछ साल में 50 के आसपास रहने वाला है। उन्होंने कहा, 'वह अपने सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में है। अगले तीन चार साल अगर इसी तरह खेलता रहा तो कई शतक बनाएगा क्योंकि वह भारत में भी काफी क्रिकेट खेल रहा है। उसका औसत 50 के आसपास रहना चाहिए।' राहुल अभी तक 61 टेस्ट में 35.3 की औसत से 3632 रन बना चुके हैं जिसमें 10 शतक और 18 अर्धशतक शामिल हैं।