किस तरह की वापसी
- जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच से पहले अभिषेक खराब फॉर्म से जूझ रहे थे।
- पेट की समस्या के बाद वह लगातार तीन बार शून्य पर आउट हुए थे। आलोचना बढ़ रही थी और टीम पर दबाव भी था, लेकिन इस मुकाबले में उनकी बॉडी लैंग्वेज अलग दिखी।
- उन्होंने पहली ही गेंद पर सिंगल लेकर संकेत दे दिया कि वह जल्दबाजी नहीं करेंगे।
- ड्रेसिंग रूम का संदेश साफ था, क्रीज पर टिके रहो और पारी को आगे बढ़ाओ।
- संजू सैमसन के साथ उन्होंने पहले विकेट के लिए 48 रन जोड़े। सैमसन के आउट होने के बाद अभिषेक ने गति बढ़ाई और अर्धशतक लगाने में सफल रहे।
गावस्कर ने कहा कि अभिषेक के लिए यह एक सीखने का दौर है। गावस्कर ने कहा, मुझे सच में लगता है कि यह उसके लिए सीखने का एक अच्छा मौका है। हर क्रिकेटर लगातार दो मैचों में रन न बना पाने के दौर से गुजरता है। बात सिर्फ इतनी है कि आप इससे कितना सीखते हैं। मुझे लगता है कि अभिषेक ने बहुत कुछ सीखा है और यह उसके लिए कोलकाता में वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाले महत्वपूर्ण मुकाबले में अच्छा साबित होगा।