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IPL: धोनी की जिस चाल से चेन्नई फाइनल में पहुंची, वह खेल भावना के खिलाफ; ICC एलीट पैनल के पूर्व अंपायर नाराज

Fri, 26 May 2023 08:31 PM IST
शक्तिराज सिंह स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

गुजरात के खिलाफ मैच में पाथिराना मैदान ने से बाहर रहे थे और अगले चार मिनट तक गेंदबाजी नहीं कर सकते थे। ऐसे में धोनी ने चार मिनट तक अंपायर से बात करते रहे और समय बर्बाद किया। इसके बाद पाथिराना से गेंदबाजी कराई। इसे डेरिल हार्पर ने खेल भावना के खिलाफ बताया है। 
 
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अंपायर से बात करते महेंद्र सिंह धोनी - फोटो : IPL/BCCI
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विस्तार
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आईपीएल 2023 में चेन्नई की टीम फाइनल में पहुंच चुकी है। पहले क्वालिफायर में चेन्नई ने गुजरात को 15 रन से हराया था। इस मैच में धोनी ने अपनी कप्तानी का जलवा दिखाया था। डेथ ओवर में कमाल की गेंदबाजी कर रहे माथीषा पाथिराना से ओवर कराने के लिए धोनी ने चार मिनट तक अंपायर से बहस की थी। इसके बाद उन्होंने पाथिराना से गेंदबाजी कराई और चेन्नई ने मैच अपने नाम किया। 
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इस मैच के बाद धोनी की कप्तानी और चतुराई की जमकर तारीफ हुई। कई दिग्गजों ने कहा कि धोनी इसी वजह से सबसे सफल और चतुर कप्तान माने जाते हैं। हालांकि, अब आईसीसी एलीट पैनल का हिस्सा रहे अंपायर डेरिल हार्पर ने धोनी की चाल को खेल भावना के विपरीत करार दिया है। 

धोनी ने क्या किया था?
चेन्नई और गुजरात के मैच में गुजरात की पारी में 16वां ओवर करने के लिए धोनी ने मथीषा पाथिराना को गेंद सौंपी, लेकिन अंपायर ने उन्हें गेंदबाजी करने से रोक दिया। अंपायरों का कहना था कि पाथिराना गेंदबाजी के लिए आने से पहले नौ मिनट तक मैदान से बाहर थे। वह जितने समय तक बाहर थे, उतना समय मैदान में बिताने के बाद ही वह गेंदबाजी कर सकते थे। इस लिहाज से पाथिराना अगले चार मिनट तक गेंदबाजी नहीं कर सकते थे। ऐसे में धोनी अगले चार मिनट तक अंपायर से बात करते रहे। इसके बाद उन्होंने पाथिराना से ही 16वां ओवर कराया और चेन्नई की टीम मैच जीतने में सफल रही। 
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मैच के दौरान कमेंटेटरों सहित कुछ लोगों ने सवाल किया कि क्या खेल में देरी के दौरान घड़ी को रोका जाना चाहिए था। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार डेरिल हार्पर ने इसे खेल भावना के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा "धोनी ने अपने पसंदीदा गेंदबाजी विकल्प को महत्वपूर्ण 16वां ओवर देने के लिए समय बर्बाद किया। उस निराशाजनक दृश्य से मैं केवल यही निष्कर्ष निकाल सकता हूं। मेरे लिए मुद्दा क्रिकेट की भावना और अंपायरों के निर्देशों के प्रति सम्मान की कमी है। कप्तान के पास अन्य विकल्प थे, लेकिन उन्हें नजरअंदाज कर दिया गया। हो सकता है, कुछ लोग कानून से बड़े हों या इस मामले में क्रिकेट की भावना से बड़े हों। यह देखना हमेशा निराशाजनक होता है कि जीतने के लिए कुछ लोग किस हद तक जा सकते हैं।"

मैच में क्या हुआ?
चेन्नई सुपर किंग्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 172 रन बनाए। इसके जवाब में गुजरात की टीम 156 रन पर सिमट गई और चेन्नई ने जीत के साथ रिकॉर्ड 10वीं बार फाइनल में जगह बना ली। वहीं, हार के साथ गुजरात की टीम दूसरे क्वालिफायर में पहुंच गई। यहां गुजरात का सामना मुंबई इंडियंस से है।
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