इंग्लैंड के पूर्व स्पिनर मोंटी पनेसर ने विराट कोहली के टेस्ट से संन्यास पर अपनी राय रखी है। कोहली ने इंग्लैंड के खिलाफ 20 जून से शुरू होने वाली पांच मैचों की सीरीज से पहले टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया था। पनेसर का मानना है कि ऑफ स्टंप के बाहर की गेंद पर बार-बार जूझने की समस्या का संभवत: समाधान नहीं मिलने के कारण कोहली ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया।
इंग्लैंड के लिए 50 टेस्ट खेलने वाले और 2012 में भारत में मिली टेस्ट जीत में योगदान देने वाले पनेसर ने कहा कि कोहली को इंग्लैंड के अपने पिछले दौरों की तुलना में ऑफ स्टंप के आसपास घूमती गेंदों से निपटना अधिक कठिन लगता। कोहली ने 2014 के खराब दौरे के बाद 2018 में इंग्लैंड में शानदार वापसी की। वर्ष 2014 में जेम्स एंडरसन ने इस दिग्गज बल्लेबाज को काफी परेशान किया।
रोहित-कोहली के बिना दौरे पर गई है टीम
भारतीय टीम रोहित शर्मा और विराट कोहली के बिना इंग्लैंड दौरे पर गई है। भारत को 2007 के बाद इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज में जीत नहीं मिली है और टीम इंडिया यहां 18 साल का सूखा समाप्त करने के इरादे से उतरेगी। पनेसर ने न्यूज एजेंसी पीटीआई के साथ बातचीत में कहा, कोहली के साथ जो हुआ है वह यह है कि ऑफ स्टंप के बाहर की गेंद, पांचवें स्टंप की लाइन, विशेषकर ऑस्ट्रेलिया में तेज उछाल वाली पिचों पर वह संघर्ष कर रहे थे। इसलिए उन्होंने शायद सोचा होगा कि इंग्लैंड में गेंद और ज्यादा स्विंग करेगी, उन्होंने शायद ऑफ स्टंप के बाहर की गेंद पर समस्या का समाधान नहीं निकाला। मुझे लगता है कि शायद यही एक कारण रहा होगा कि उन्होंने संन्यास लेने और अपनी सारी ऊर्जा आरसीबी और भारत के लिए वनडे में लगाने के बारे में सोचा।
पनेसर ने कहा कि कोहली के पास 2018 में वापसी करने के लिए जवाब थे, लेकिन अपने करियर के इस पड़ाव पर ऐसा करना स्वाभाविक रूप से बहुत कठिन होगा। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि उन्होंने सभी प्रारूपों में एक क्रिकेटर के रूप में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। वे टेस्ट क्रिकेट के शानदार दूत रहे हैं। उन्हें शायद लगता है कि उन्होंने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है, उन्होंने सब कुछ हासिल किया है और शायद उन्हें लगता है कि युवाओं के लिए आगे आने का समय आ गया है।