लंबे समय तक डिप्रेशन की चपेट में रहे इंग्लैंड के पूर्व स्पिनर मोंटी पनेसर इससे उबरने के बाद एक बार फिर से मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं। पनेसर अगले सत्र में इंग्लैंड में काउंटी क्रिकेट खेलना चाहते हैं जबकि उनकी भविष्य की योजनाओं में लंदन का मेयर बनना और बॉलीवुड फिल्म में काम करना शामिल है।
37 साल के इस क्रिकेटर ने ग्रीम स्वान के साथ मिलकर इंग्लैंड को 2012 में भारत में टेस्ट सीरीज में यादगार जीत दिलाने में अहम योगदान दिया था। इसके बाद हालांकि उनका करिअर नीचे गिरने लगा और उन्होंने 2013 में अपना आखिरी टेस्ट मैच खेला। पनेसर का मानसिक स्वास्थ्य तब गड़बड़ा गया था लेकिन वह इसे स्वीकार करने को तैयार नहीं थे।
एकामरा खेल साहित्य उत्सव से इतर पनेसर ने इंटरव्यू में कहा, ‘मैं इसे स्वीकार करने को तैयार नहीं था क्योंकि मुझे डर था कि लोग कहेंगे कि मेरे जैसा क्रिकेटर डिप्रेशन की चपेट में कैसे आ सकता है। बाद में, मुझे एहसास हुआ कि मैं कितना गलत था।’
पनेसर ने अवसाद से बाहर निकलने पर परिवार और दोस्तों का शुक्रिया करते हुए बताया कि उन्होंने शराब पीना छोड़ दिया है और अब कीर्तन में जाते हैं जो उनके लिए अवसादरोधी की तरह है। ग्लेन मैक्सवेल के अलावा कई क्रिकेटरों ने हाल के दिनों में मानसिक स्वास्थ्य का मुद्दा उठाया है।