शास्त्री ने बताया कि रोहित मध्यक्रम में बल्लेबाजी करते-करते ऊब गए थे, इसलिए उन्होंने 2019 में रोहित को ओपनर के तौर पर भेजा था। हालांकि, उनका यह फैसला मास्टरस्ट्रोक साबित हुआ और शीर्ष क्रम पर खेलते हुए रोहित ने कई शानदार पारियां खेली।
भारतीय टीम के पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री ने बताया है कि उन्होंने किस कारण रोहित शर्मा को टेस्ट में सलामी बल्लेबाज के तौर पर उतारने का फैसला लिया था। रोहित कुछ समय तक मध्यक्रम पर बल्लेबाजी के लिए उतरते थे, लेकिन शास्त्री के कार्यकाल में रोहित को सलामी बल्लेबाज के तौर पर उतारा गया था। अब शास्त्री ने इसका कारण बताया है।
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रोहित ने हाल ही में टेस्ट से लिया संन्यास
रोहित ने हाल ही में टेस्ट प्रारूप से संन्यास लेने का फैसला किया था। उन्होंने अपने शानदार करियर में 67 मैचों में 12 शतक और 18 अर्धशतक की मदद से 4301 रन बनाए। शास्त्री ने बताया कि रोहित मध्यक्रम में बल्लेबाजी करते-करते ऊब गए थे, इसलिए उन्होंने 2019 में रोहित को ओपनर के तौर पर भेजा था। हालांकि, उनका यह फैसला मास्टरस्ट्रोक साबित हुआ और शीर्ष क्रम पर खेलते हुए रोहित ने कई शानदार पारियां खेली। शास्त्री 2017 में भारत के मुख्य कोच बने थे और उनका कार्यकाल चार साल तक चला था।
शास्त्री ने आईसीसी रिव्यू कार्यक्रम में कहा, चार, पांच नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए यह लड़का (रोहित) ऊब जाता था। मैंने फिर इस पर विचार करना शुरू किया कि वह वनडे क्रिकेट में इतना सफल क्यों है? वह बल्लेबाजी के लिए मैदान पर जल्दी जाना पसंद करता है। मैंने सोचा कि अगर उसे पहले बल्लेबाजी के लिए भेजा जाए तो उसके पास तेज गेंदबाजों को खेलने, शॉट लगाने के लिए पर्याप्त समय होगा। उसके लिए मंच तैयार था। वह अगर इसे अपना ले तो उसके टेस्ट करियर को नई दिशा मिल सकती है।
शास्त्री बोले- 2019 विश्व कप के दौरान ही कर लिया था फैसला
शास्त्री ने कहा कि उन्होंने 2019 विश्व कप के दौरान ही रोहित का इस्तेमाल टेस्ट में सलामी बल्लेबाज के रूप में करने का फैसला कर लिया था। शास्त्री ने कहा कि उन्होंने तत्कालीन कप्तान विराट कोहली के साथ रोहित को सलामी बल्लेबाज के तौर पर आगे बढ़ाने के विचार पर चर्चा की थी। रोहित को तुरंत सफलता मिली, उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शीर्ष क्रम में अपने पहले टेस्ट में दो शतक जड़े।
शास्त्री ने रोहित के बारे में कहा, उन्होंने पांचवें और छठे नंबर पर काफी बल्लेबाजी की लेकिन वह पूरी एकाग्रता नहीं दिखा पाते थे। वह 20 , 30 रन बनाकर अपना विकेट गंवा देते थे। मैंने सोचा चलो उसे दबाव में डालते हैं और उसे ऊपरी क्रम पर भेजते हैं। मुझे याद है कि मैंने उससे वेस्टइंडीज में कहा था हम चाहते हैं कि तुम पारी का आगाज करो। मैं अगर गलत नहीं हूं तो यह (फैसला) अगस्त 2019 में लिया गया था। उस विश्व कप के बाद। विश्व कप में उसने शानदार बल्लेबाजी की थी। इसलिए उनका फॉर्म बहुत अच्छा था। उसने इसके बारे में कुछ समय तक विचार किया होगा। वह इससे असहज नहीं था।