दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान ग्रीम स्मिथ को उम्मीद है कि उनकी टीम इस साल आईसीसी ट्रॉफी का सूखा समाप्त कर सकती है। उन्होंने यह दावा चैंपियंस ट्रॉफी और विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल से पहले किया है। स्मिथ अपनी टीम के पिछले साल के प्रदर्शन से काफी प्रभावित हैं।
एसए 20 लीग कमिश्नर स्मिथ ने कहा- उम्मीद है कि हम चैम्पियंस ट्रॉफी या विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल जीतकर इस इंतजार को खत्म कर देंगे। लेकिन अगर दक्षिण अफ्रीका अपनी सरजमीं पर विश्व कप जीतता है तो यह शानदार होगा। अगले तीन साल में हम स्टेडियमों , पिचों और अपने क्रिकेट इकोसिस्टम को बेहतर करने के प्रयास जारी रखेंगे ताकि 2027 वनडे विश्व कप तक हम प्रबल दावेदार रहें।
लॉर्ड्स पर खेला जाएगा WTC फाइनल
दक्षिण अफ्रीका ने सेंचुरियन में बॉक्सिंग डे टेस्ट में पाकिस्तान को हराकर डब्ल्यूटीसी फाइनल में प्रवेश किया जहां 11 से 15 जून तक लाडर्स पर उसका सामना आस्ट्रेलिया से होगा। इसके अलावा दक्षिण अफ्रीका पुरूष और महिला टी20 विश्व कप और इस साल की शुरूआत में अंडर 19 महिला विश्व कप में उपविजेता रहा।
स्मिथ ने इन आलोचनाओं को भी खारिज किया कि डब्ल्यूटीसी फाइनल का दक्षिण अफ्रीका का सफर आसान रहा है। उन्होंने कहा, आजकल क्रिकेट में कोई सफर आसान नहीं होता। शुरू ही से सभी टीमों को पता था कि किसे किससे खेलना है। दक्षिण अफ्रीका ने लगातार सात टेस्ट जीतकर क्वालीफाई किया है। सभी को टेस्ट इकोसिस्टम देखना चाहिये कि वह कैसे काम करता है।
टी20 की बढ़ती लोकप्रियता से प्रभावित हो रहा टेस्ट
क्लब बनाम देश की बहस पर स्मिथ का मानना है कि टी20 क्रिकेट का बढ़ना तय है लेकिन सभी सदस्य देशों को मिलकर ऐसा मॉडल बनाना होगा कि बाकी प्रारूप भी सुरक्षित रहें। दक्षिण अफ्रीका के लिए 117 टेस्ट में 9265 रन बना चुके स्मिथ ने कहा, मैं चाहता हूं कि टेस्ट क्रिकेट मजबूत रहे और अगर छह सात देशों में भी रह गया तो काफी प्रतिस्पर्धी होगा और मजबूत भी बना रहेगा।
दुनिया भर में शुरू हो रही फ्रेंचाइजी आधारित टी20 लीग के बीच टेस्ट क्रिकेट के अस्तित्व को बचाये रखने के सवाल पर उन्होंने कहा, टी20 क्रिकेट ने अमेरिका और दूसरे क्षेत्रों में नये दर्शक दिये हैं और अब हम इसे ओलंपिक में भी देखेंगे। इसने काफी दर्शक बनाये हैं। मुझे लगता है कि फ्रेंचाइजी आधारित क्रिकेट में आखिर में दुनिया की सर्वश्रेष्ठ तीन चार लीग बचेंगी और शायद एक टू टियर सिस्टम। भविष्य में सभी सदस्य देशों को साथ मिलकर एक दूसरे को मजबूत रखना होगा।