अमूमन आपने क्रिकेट में ढेरों विस्फोटक पारियों के बारे में देखा, पढ़ा और सुना होगा। टीम इंडिया के विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग, पाक के शाहिद अफरीदी, कैरेबियाई बल्लेबाज क्रिस गेल और न्यूजीलैंड के ब्रैंडन मैकुलम के अलावा कई ऐसे और भी बल्लेबाज हैं जिन्होंने बल्ले से कई बार कमाल दिखाया है, लेकिन वो एक ही मैच में बल्ले और गेंद से एक जैसा खेल नहीं दिखा सके हैं।
क्रिकेट में बल्ले और गेंद से लाजवाब प्रदर्शन करने वाले क्रिकेटर्स को हरफनमौला यानी ऑलराउंडर कहते हैं। हरफनमौला क्रिकेटरों में युवराज सिंह, शाकिब अल हसन और भी कई हरफनमौला खिलाड़ी हैं जिन्होंने गेंद और बल्ले से कई बार कमाल का खेल दिखाया है। युवराज टी-20 में लगातार 6 गेंदों में 6 छक्के लगाने का कारनामा कर चुके हैं लेकिन जिस मैच में उन्होंने यह रिकॉर्ड बनाया था उस मैच में वह गेंदबाजी में वैसा कमाल नहीं दिखा पाए थे।
हम यहां आपको एक ऐसे क्रिकेटर के बारे में बताने जा रहे हैं जिसने 34 साल की उम्र में गजब का हरफनमौला प्रदर्शन किया है। पहले इस बल्लेबाज ने एक ओवर में 6 छक्के जडे़ फिर गेंदबाजी में कमाल दिखाते हुए उन्होंने उसी मैच में एक-दो नहीं 8 विकेट झटक लिए। है ना दिलचस्प रिकॉर्ड।
उनकी दिलचस्प पारी की खास बात यह रही कि यह बल्लेबाज अपनी दूसरी ही गेंद पर बोल्ड हो गया था लेकिन स्कवायर लेग अंपायर ने आउट नहीं दिया क्योंकि उसे लगा कि गेंद विकेटकीपर के पास से लौटकर विकेट से टकराई है।