नए कप्तान अजिंक्य रहाणे की अगुवाई में भारत की नई टीम जिम्बाब्वे के खिलाफ आगाज करने के लिए तैयार है। तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मैच हरारे में 10 जुलाई को भारतीय समयानुसार दोपहर साढ़े 12 बजे से खेला जाएगा।
क्रिकेट जगत में भारत और जिम्बाब्वे के बीच इस वनडे सीरीज को भले ही इंग्लैंड में इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेली जा रही एशेज सीरीज की तुलना में कमतर आंका जा रहा हो लेकिन यह सीरीज टीम इंडिया के कई खिलाड़ियों के लिए संजीवनी का काम कर सकता है। भारतीय टीम में सात वरिष्ठ खिलाड़ी छुट्टी पर हैं और रहाणे की कप्तानी में लगभग नई टीम मैदान पर दिखेगी।
तीन मैचों की सीरीज का पहला मैच जब टीम इंडिया खेलने उतरेगी तो उसका लक्ष्य जीत के उस कारवां को आगे बढ़ाने पर होगा जिसे 2013 में विराट कोहली की अगुवाई वाली टीम इंडिया ने सभी पांचों मैच जीतकर क्लीन स्वीप का कारनामा किया था।
साथ ही इस सीरीज से पहले बांग्लादेश के हाथों मिली ऐतिहासिक हार को भी भुलाने का दबाव होगा टीम इंडिया पर। जिम्बाब्वे के दौरे पर गई भारतीय टीम में सात खिलाड़ी वो हैं जिन्होंने पिछले महीने बेहद करीब से अपनी टीम को बांग्लादेश के हाथों पहली बार वनडे सीरीज में हारते हुए देखा था। अब वो उस हादसे को भूल जाना चाहते होंगे और इस अफ्रीकी देश में जीत के साथ सीरीज का आगाज करना चाहेंगे।
दूसरी ओर, जिम्बाब्वे को भी अपने पिछले सीरीज में करारी हार का सामना करना पड़ा था। इस टीम ने पिछले दिनों पाकिस्तान का दौरा किया और वहां पर वनडे सीरीज खेली थी।
इस वनडे से दिखेगा कितने कारगर हैं नए बदलाव
पिछले महीने ही आईसीसी ने वनडे क्रिकेट के नियमों में कुछ फेरबदल किया जिसमें बैटिंग पावरप्ले को खत्म कर दिया गया। साथ ही हर तरह के नो बॉल पर फ्री हिट की व्यवस्था खत्म कर दी गई। इसके अलावा क्षेत्ररक्षण में बदलाव करते हुए 30 गज के बाहर पांच क्षेत्ररक्षकों को लगाने की बंदिश हटा ली गई है।
ऐसे में देखना होगा कि नए नियमों के साथ किस तरह का क्रिकेट होता है। नए नियमों को गेंदबाज के मुफीद कहा जा रहा है अब सबकी नजर इस मैच पर है।
दूसरी ओर, वरिष्ठ खिलाड़ियों की गैरहाजिरी के कारण अनुभवी गेंदबाज हरभजन सिंह को टीम में वापसी करने का मौका मिला। वह चार साल वनडे टीम में शामिल किए गए हैं। अगर वह अंतिम एकादश में शामिल होते हैं तो टीम को उनके अनुभव का फायदा मिल सकता है।
वनडे मैचों के आधार पर देखा जाए तो जिम्बाब्वे की टीम भारतीय टीम से ज्यादा अनुभवी है। जिम्बाब्वे के खिलाड़ियों के खेले वनडे मैच को जोड़ दिया जाए तो आंकड़ा 986 तक पहुंचती है जबकि टीम इंडिया के खिलाड़ियों के खेले वनडे मैचों का योग महज 479 ही बनता है। ऐसे में मेजबान टीम के पास काफी अनुभव है।
हालांकि दोनों टीमों के बीच अब तक खेले गए मुकाबलों की बात करें तो 57 वनडे खेले गए हैं जिसमें भारत को 45 में जीत मिली है और जिम्बाब्वे को 10 में। दो मैच टाई पर खत्म हुए।
कार्यवाहक कप्तान अजिंक्य रहाणे की भी कड़ी परीक्षा
भारतीय क्रिकेट टीम की दूसरी कतार कितनी मजबूत है इसका अंदाजा जिम्बाब्वे के खिलाफ शुक्रवार से शुरू हो रही तीन वनडे मैचों की सीरीज से हो जाएगा। टीम इंडिया में कई युवा खिलाड़ियों के अलावा कई ऐसे सीनियर खिलाड़ी भी हैं जो मौके को भुनाना चाहेंगे।
बांग्लादेश के खिलाफ पिछले दौरे में शर्मनाक हार के बाद यह टीम इंडिया की पहली सीरीज है। भारतीय टीम अफ्रीकी देश जिम्बाब्वे को हल्के में लेने की गलती नहीं कर सकता क्योंकि टीम ने हाल ही में अच्छी प्रगति और प्रतिबद्धता दिखाई है। कई सीनियर खिलाड़ियों की अनुपस्थिति में कमान संभालने वाले अजिंक्य रहाणे के सामने भी उस कसौटी पर खरा उतरने की चुनौती है जो चयनकर्ताओं ने उन पर दिखाया है।
रहाणे को बांग्लादेश के खिलाफ सीरीज में भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने अंतिम दो वनडे मैचों में यह कहकर मौका नहीं दिया कि उन्हें धीमी पिचों पर लगातार छोर बदलने में दिक्कत आती है। जिम्बाब्वे में भी धीमी पिच मिलने की संभावना है जोकि मेजबान टीम को ज्यादा रास आती है। रहाणे को मध्यक्रम में अपना स्थान पक्का करने के लिए अच्छा प्रदर्शन करना होगा। इसके अलावा रोबिन उथप्पा, मनोज तिवारी, केदार जाधव, अंबाती रायडू और मनीष पांडेय भी छाप छोड़ना चाहेंगे।
भुवनेश्वर कुमार भारतीय तेज आक्रमण की अगुआई करेंगे और संभावना यही है कि मोहित शर्मा नई गेंद से उनके जोड़ीदार होंगे। यदि रहाणे तीन तेज गेंदबाजों के साथ उतरते हैं तो धवल कुलकर्णी को भी मौका मिल सकता है। टीम में अनुभवी ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह और पहले मैच में अक्षर पटेल के साथ दोहरा स्पिन अटैक हो सकता है।
जिंबाब्वे की टीम ने अपने पिछले दौरे में पाकिस्तान के खिलाफ वनडे और टी-20 सीरीज गंवाई थी लेकिन उन्होंने हारने से पहले कड़ा संघर्ष का जज्बा दिखाया था। कप्तान एल्टन चिंगुबुरा के नेतृत्व में उन्होंने पाकिस्तान के शानदार गेंदबाजी आक्रमण के सामने अच्छा प्रदर्शन किया। सिंकदर रजा, वूसी सिबांदा और चामू चिभाभा ने दिखाया कि उन्हें कमजोर नहीं आंका जा सकता। चिंगुबुरा और सिकंदर रजा ने पाकिस्तान में शतक लगाए थे। हैमिल्टन मस्काद्जा और सीन विलियम्स भी मेजबान टीम की बल्लेबाजी को मजबूती प्रदान करेंगे।
भारतीय टीम के कार्यवाहक कप्तान अजिंक्य रहाणे का कहना है कि वह मेजबान टीम का सम्मान करते हैं और तीन मैचों की सीरीज में उन्हें हल्के में नहीं लेंगे। पहली बार टीम की कमान संभाल रहे रहाणे ने कहा कि हम बांग्लादेश में हुए खराब प्रदर्शन से उबर चुके हैं और यहां जीत के लिए आए हैं। उन्होंने कहा, "बांग्लादेश में जो हुआ वह इतिहास हो चुका है। हम मौजूदा सीरीज के बारे में सोच रहे हैं और हम जिम्बाब्वे की मजबूती की बजाए अपनी ताकत पर ध्यान दे रहे हैं। हम अपना श्रेष्ठ देने की कोशिश करेंगे।"