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वर्ल्ड कप इतिहास में पहली बार, जब 'गोल्डन डक' बने 4 बल्लेबाज

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वर्ल्ड कप के छठे मुकाबले में भी उलटफेर होते-होते रह गया। आज ड्यूडिन में खेले गए मुकाबले में स्कॉटलैंड ने छोटा सा स्कोर देने के बावजूद न्यूजीलैंड को जीत के लिए खूब परेशान कर दिया। मेजबान किवी टीम ने भले ही 151 गेंद शेष रहते मैच जीत लिया लेकिन लक्ष्य के करीब पहुंचने से काफी पहले ही उसने अपने 7 विकेट गंवा दिए।
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मेजबान न्यूजीलैंड की 150 या 150 से कम रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुई उसकी दूसरी सबसे कम विकेट से हासिल की हुई जीत है। इससे पहले उसने 2013 में श्रीलंका के खिलाफ 139 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए एक विकेट से जीत हासिल की थी।

हालांकि न्यूजीलैंड की ड्यूडिन में यूनिवर्सिटी ओवल मैदान पर लगातार पांचवीं जीत है।

आयरलैंड ने जहां अपने लगातार 3 वर्ल्ड कप में टेस्ट टीम को हराते हुए उलटफेर करने का कारनामा कर दिया है। आयरलैंड ने इस वर्ल्ड कप में दो बार की चैंपियन वेस्टइंडीज को हराकर उलटफेर कर दिया है। स्कॉटलैंड अपना तीसरा वर्ल्ड कप खेल रहा है लेकिन आज तक वह एक भी मैच नहीं जीत सका। क्रिकेट वर्ल्ड में स्कॉटलैंड पहली ऐसी टीम बनी हुई है जिसे अभी तक इस टूर्नामेंट में एक भी जीत नसीब हुई है। इससे पहले स्कॉटिश टीम 1999 और 2007 संस्करण में वर्ल्ड कप खेल चुकी है।
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एक मैच में 4 'गोल्डन डक' और एक 'सिल्वर डक'

भले ही टूर्नामेंट का छठा मैच कमजोर मुकाबला माना जा रहा था लेकिन स्कॉटिश गेंदबाजों ने खिताब की प्रबल दावेदार न्यूजीलैंड टीम के 7 विकेट महज 24 ओवर के अंदर ही झटक लिए। इस मैच में स्कॉटलैंड के गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन कर सभी का मन मोह लिया लेकिन इससे पहले टीम के बल्लेबाजों ने बेहद निराशाजनक प्रदर्शन कर मैच में गेंदबाजों के लिए कुछ भी करने को खास नहीं छोड़ा था।

स्कॉटिश बल्लेबाजों का प्रदर्शन इस कदर खराब रहा कि उसके 7 बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सके, जबकि उसकी ओर से 2 बल्‍लेबाजों ने अर्धशतकीय पारियां खेली थी।

स्कॉटलैंड की पारी में 4 बल्लेबाज गोल्डन डक बने। गोल्डन डक यानी पहली ही गेंद पर खाता खोले बगैर आउट हो जाना। वर्ल्ड कप में ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी टीम के 4 बल्लेबाज गोल्डन डक बने। हालांकि वनडे क्रिकेट के इतिहास में अब तक 3 बार ऐसा हुआ है। इससे पहले 1999 में श्रीलंका और 2003 में पाकिस्तान की ओर से ऐसा हुआ था। इसके अलावा एक और बल्लेबाज सिल्वर डक बना यानी की अपनी पारी की दूसरी गेंद पर खाता खोले बगैर ही आउट हो गया।

4 गोल्डन डक होने के बावजूद इस टीम के लिए एक अच्छी बात यह रही कि उसकी ओर से 2 बल्लेबाज ने अर्धशतक लगाए। वर्ल्ड कप में ऐसा पहली बार हुआ है जब उसकी ओर से 2 बल्‍लेबाजों ने किसी मैच में अर्धशतक लगाए।
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