विराट कोहली तीन महीने के अंदर तीनों फॉर्मेट के कप्तान के पद से हट चुके हैं। सबसे पहले उन्होंने सितंबर में एलान किया था कि वो टी-20 वर्ल्डकप के बाद इस फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ देंगे। उन्होंने आठ नवंबर को बतौर कप्तान अपना आखिरी टी-20 मैच खेला। इसके बाद दिसंबर में बीसीसीआई ने उनसे वनडे की कप्तानी छीन ली और जनवरी 2022 में विराट ने टेस्ट टीम की कप्तानी भी छोड़ दी। इस बीच सितंबर में ही विराट ने आईपीएल की कप्तानी छोड़ने का एलान कर दिया था। अब वो किसी भी फॉर्मेट में किसी भी टीम के कप्तान नहीं हैं।
कोहली ने जब 15 जनवरी को टेस्ट की कप्तानी छोड़ने का एलान किया था तो सभी खिलाड़ी और क्रिकेट फैंस चौक गए थे, लेकिन अतुल वासन को यह सुनकर कोई आश्चर्य नहीं हुआ। पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज ने कहा है कि टी-20 वर्ल्डकप में भारत के खराब प्रदर्शन के बाद विराट कोहली के ऊपर काफी दबाव था और वनडे की कप्तानी जाने की वजह से उन्होंने टेस्ट की कप्तानी छोड़ी है।
दो महीने से दबाव में थे कोहली
न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में वासन ने कहा "मुझे कोई आश्चर्य नहीं हुआ। मुझे आश्यचर्य तब हुआ था, जब धोनी ने ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज के बीच में ही संन्यास का एलान कर दिया था। टी 20 विश्व कप में भारत के खराब प्रदर्शन के बाद पिछले कुछ महीनों से चीजें जिस तरह से चल रही थीं, इस वजह से विराट पर दबाव था। वो खुद रन नहीं बना रहे थे और बाकी खिलाड़ियों पर उंगली उठा रहे थे। एक कप्तान के रूप में मैं उनके इस फैसले का समर्थन करता हूं, लेकिन समस्या यह है कि वो पहले आगे बढ़कर नेतृत्व कर रहे थे, लेकिन पिछले कुछ सालों में उनकी बल्लेबाजी कुछ खास नहीं थी।"
2023 वर्ल्डकप में कप्तानी करना चाहते थे विराट
अतुल वासन ने बताया कि विराट ने सिर्फ टी-20 की कप्तानी इसलिए छोड़ी थी, क्योंकि वो 2023 वनडे वर्ल्डकप में कप्तानी करना चाहते थे और भारत को जीत दिलाना चाहते थे। कोहली अब तक कोई आईसीसी ट्रॉफी नहीं जीत पाए हैं और वो 2023 में जीत के साथ कप्तानी छोड़ना चाहते थे, लेकिन बीसीसीआई ने उनके टी-20 की कप्तानी छोड़ने के फैसले को गलत तरीके से लिया और उन्हें वनडे की कप्तानी से हटा दिया। इसके बाद विराट ने टेस्ट की कप्तानी भी छोड़ दी और अब अपनी बल्लेबाजी पर ध्यान देना चाहेंगे।