रणजी सीजन अपने आखिरी पड़ाव पर है। मगर यह एक नए विवाद के कारण सुर्खियों में हैं। दरअसल गुरुवार को मैच के दौरान हिंदी कमेंटेटर्स ने इस बात पर जोर दिया कि हर भारतीय को हिंदी आनी चाहिए और इसे देश के हर एक व्यक्ति की मातृभाषा करार दिया। हालांकि इस बयान के बाद कमेंटेटर्स को काफी आलोचनाओ का भी सामना करना पड़ा। यह मामला बड़ौदा की दूसरी पारी के सातवें ओवर का है जब उन्होंने सुनील गावस्कर की कमेंट्री के बारे में बात करनी शुरू की। यह घटना खिताब की प्रबल दावेदार मानी जा रही कर्नाटक और बड़ौदा के बीच नॉक आउट में घटी।
मैच के दौरान कमेंट्री में एक कमेंटेटर ने कहा कि हिंदुस्तान में हर हिंदुस्तानी को हिंदी आनी चाहिए, ये हमारी मातृ भाषा है। इससे बड़ी भाषा हमारे लिए है ही नहीं। वहीं दूसरे कमेंटेटर ने उनकी बात का समर्थन करते हुए कहा कि वह उन लोगों को क्रोध की नजर से देखते हैं, जो कहते हैं कि वे क्रिकेटर हैं और फिर भी हिंदी बोलते हैं। हालांकि बाद में उन्होंने माफी भी मांग ली।