टी-20 विश्व कप जीतने वाली टीम के कप्तान डैरेन सैमी और स्टार बल्लेबाज क्रिस गेल जैसे अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों ने आगे आकर कथित नस्लीय उत्पीड़न के आरोप लगाए। सैमी ने विरोध-प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि इंडियन प्रीमियर लीग में खेलते हुए उन्हें 'कालू' कहा गया अश्वेत लोगों के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला अपमानजनक शब्द है।
इस बीच कोरोना के खतरे के बावजूद कैरेबियाई टीम इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज खेलने पहुंची है। कप्तान जेसन होल्डर ने कहा है कि उनकी टीम रंगभेद के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध के लिए मैच में घूटने टेकने पर विचार कर रही है। उन्होंने अश्वेत की जान को भी महत्यपूर्ण बताया।
इससे पहले अमेरिका में अश्वेत जॉर्ज फ्लॉयड की पुलिस कस्टडी में मौत के बाद दुनिया के खिलाड़ियों ने मैदान पर रोष जताया था। अमेरिका में कई फुटबॉलर्स मैच से पहले राष्ट्रगान के दौरान घुटने पर बैठकर विरोध जता चुके हैं।
इसके बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे राष्ट्रध्वज का अपमान बताया था। अमेरिकी फुटबॉल फेडरेशन ने भी इस पर प्रतिबंध लगा दिया है। यूएस सॉकर ने कहा कि रंगभेद सही नहीं है, लेकिन अगर राष्ट्रगान के दौरान घुटनों पर कोई खिलाड़ी बैठता है तो उसे सजा दी जाएगी।
दूसरी ओर इंग्लैंड के पेसर क्रिस जॉर्डन का कहना है कि विविधता को अपनाने के मामले में इंग्लैंड क्रिकेट टीम सबसे आगे है और जहां तक नस्लवाद की निंदा का सवाल है तो टीम के प्रत्येक सदस्य को पता है कि उन्हें इसमें भूमिका निभानी है।
इंग्लैंड की टीम क्रिकेट की सबसे विविधता पूर्ण टीमों में से एक है जिसमें बारबाडोस में जन्में जोफ्रा आर्चर, पाकिस्तान मूल के स्पिनर आदिल राशिद और ऑलराउंडर मोईन अली और आयरलैंड में जन्में सीमित ओवरों की टीम के कप्तान इयोन मोर्गन शामिल हैं।
जोर्डन ने 'स्काई स्पोर्ट्स' से कहा, 'जागरूकता के मामले में हम सभी को भूमिका निभानी होगी और नस्लवाद विरोधी होना होगा। निश्चित तौर की इंग्लैंड की टीम में यह कोई मुद्दा नहीं है और जहां तक विविधता का सवाल है तो यह टीम एक अच्छा उदाहरण है।'
बारबडोस में जन्में 31 साल के जोर्डन ने कहा कि इंग्लैंड की टीम नस्लवाद पर खुलकर बातचीत को बढ़ावा देती है। इंग्लैंड में लॉकडाउन के कारण लगी पाबंदियों में धीरे धीरे ढील दी जा रही है, लेकिन वेस्टइंडीज की टीम मंगलवार को ही दौरे के लिए पहुंच गई।
पहला टेस्ट सख्त स्वास्थ्य एवं सुरक्षा प्रोटोकॉल में आठ जुलाई के बाद शुरू होगा। खिलाड़ी अभी मैनेचेस्टर में अलग रह रहे हैं और उनका नियमित तौर पर परीक्षण किया जायेगा। वे जैविक रूप से सुरक्षित माहौल में ट्रेनिंग करेंगे और खेलेंगे।
इंग्लैंड का श्रीलंका दौरा वायरस के फैलने के कारण मार्च में ही खत्म करना पड़ा था, जिससे खिलाड़ी बिना किसी प्रतिस्पर्धी क्रिकेट के वेस्टइंडीज के खिलाफ श्रृंखला में उतरेंगे जो विशेषकर 37 साल के एंडरसन के लिए काफी समस्या वाला होगा। इंग्लैंड का सर्वकालिक सर्वाधिक विकेट चटकाने वाला यह गेंदबाज पिछले साल से चोटों से जूझ रहा है।