इंग्लैंड की स्टार सलामी बल्लेबाज टैमी ब्यूमोंट ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। वह लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर भारत के खिलाफ होने वाले एकमात्र टेस्ट मैच के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह देंगी। इसके साथ ही उनके 17 साल लंबे शानदार और ऐतिहासिक करियर का अंत हो जाएगा। भारत और इंग्लैंड के बीच 10 जुलाई से एकमात्र टेस्ट मैच खेला जाएगा।
लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर खेलेंगी आखिरी मैच
35 वर्षीय टैमी ब्यूमोंट ने साल 2009 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था। अब वह होम ऑफ क्रिकेट कहे जाने वाले लॉर्ड्स के मैदान पर आखिरी बार इंग्लैंड की जर्सी में नजर आएंगी। इस विदाई मैच के साथ ही ब्यूमोंट के उस सफर का समापन होगा, जिसने उन्हें खेल के तीनों प्रारूप में इंग्लैंड की सर्वकालिक महान बल्लेबाजों की सूची में लाकर खड़ा कर दिया।
कैसा रहा ब्यूमोंट का करियर
- अपनी पीढ़ी की सबसे बेहतरीन सलामी बल्लेबाजों में शुमार ब्यूमोंट ने अपने खेल में निरंतरता, जुझारूपन और मैच जिताऊ पारियों की एक अद्भुत विरासत छोड़ी है।
- ब्यूमोंट लंबे समय तक टेस्ट, वनडे और टी20 अंतरराष्ट्रीय में इंग्लैंड की बल्लेबाजी की मुख्य आधार रही हैं।
- ब्यूमोंट के नाम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 8000 से ज्यादा रन हैं।
- उन्होंने करीब 17 साल लंबे करियर में 14 अंतरराष्ट्रीय शतक लगाए हैं।
संन्यास के फैसले पर क्या बोलीं टैमी ब्यूमोंट
अपने संन्यास के फैसले पर बात करते हुए ब्यूमोंट ने कहा, लगभग 17 वर्षों तक इंग्लैंड के लिए खेलना मेरे जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा है। जब एक युवा लड़की के रूप में मुझे क्रिकेट से प्यार हुआ था, तब मुझे यह भी ठीक से नहीं पता था कि इंग्लैंड के लिए क्रिकेट खेलना एक विकल्प हो सकता है। यह सोचकर मुझे बेहद खुशी होती है कि हमारे देश में यह खेल कितना आगे बढ़ चुका है। हम हमेशा से महिला क्रिकेट को देश में बढ़ावा देना चाहते थे और अब समय आ गया है कि मैं यह विशेषाधिकार इंग्लैंड के युवा खिलाड़ियों की अगली पीढ़ी को सौंप दूं।