मैक्ग्रा ने क्या कहा?
ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी तीसरे अंपायर के इस फैसले से हैरान रह गए। कप्तान कमिंस ने अंपायरों से बात भी की। कमेंट्री के दौरान पूर्व ऑस्ट्रेलिया खिलाड़ी ग्लेन मैकग्रा ने कहा "मुझे खेद है, यह सबसे घटिया चीज है जो मैंने कभी देखी है। उन्होंने (स्टार्क ने) उस गेंद को नियंत्रण में कर लिया है। वह गेंद नियंत्रण में है। मैंने वह सब कुछ देखा है जो यह गेम पेश करता है। यदि वह आउट नहीं है, तो अब तक लिया गया कोई भी अन्य कैच आउट नहीं होना चाहिए। यह एक अपमान है।"
एमसीसी ने क्या कहा?
एमसीसी ने ट्विटर पर लिखा "नियम 33.3 स्पष्ट रूप से कहता है कि कैच तभी पूरा होता है जब क्षेत्ररक्षक का 'गेंद और उसके शरीर पर पूरा नियंत्रण' हो। गेंद उससे पहले जमीन को नहीं छू सकती। इस विशेष घटना में, मिचेल स्टार्क, अभी भी फिसल रहे थे और गेंद जमीन को रगड़ रही थी, उनका शरीर नियंत्रण में नहीं था।"
पिछले कुछ हफ्तों में टेस्ट में मैदान के करीब से कैच लपकने के कई मौके आए हैं, जिसकी शुरुआत विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल में कैमरून ग्रीन के शुभमन गिल को आउट के लिए शानदार कैच से हुई। जहां गिल आउट होने के बाद काफी गुस्से में थे। इससे पहले इस टेस्ट में, स्टीवन स्मिथ ने पहली पारी में जो रूट को आउट करने के लिए एक कैच पकड़ा था, जिसे तीसरे अंपायर ने चेक किया था, जबकि एजबेस्टन में मार्नस लाबुशेन के शॉर्ट लेग कैच को स्टार्क के समान परिस्थितियों में नॉट आउट करार दिया गया था।
ऐसा माना गया कि मिचेल स्टार्क ने कैच लेने के बाद गेंद को जमीन पर छोड़ दिया था। यदि कैच साफ होता तो इंग्लैंड का स्कोर 5 विकेट पर 113 रन होता और वह मैच में लगभग पिछड़ जाता। मैच के आखिरी दिन इंग्लैंड को जीत के लिए छह विकेट शेष रहते हुए 257 रन की जरूरत है, लेकिन डकेट के साथ क्रीज पर बेन स्टोक्स की मौजूदगी उन्हें विश्वास दिलाती है कि एक और शानदार लक्ष्य हासिल करना संभव है।