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एशेज स्पेशलः जब अंग्रेजी गेंदबाजी के खौफ से महान ब्रैडमैन का बल्ला भी कांप उठा था

Wed, 31 Jul 2019 02:01 PM IST
Rohit Ojha स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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एशेज सीरीज - फोटो : social Media
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इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच एक अगस्त से 71वीं एशेज सीरीज खेली जाएगी। एशेज में अबतक के रिकॉर्ड को देखें तो ऑस्ट्रेलिया ने सबसे ज्यादा 33 सीरीज जीती है। वहीं, इंग्लैंड की टीम ने 32 बार इस सीरीज को अपने नाम किया है। पिछली बार 2017-18 में ऑस्ट्रेलिया ने एशेज को अपने नाम किया था। इस एशेज श्रृंखला की शुरुआत एजबेस्टन के मैदान से होगी और ये दोनों के बीच खेला जाने वाला 347वां टेस्ट मैच होगा।

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अब तक दोनों के बीच खेले गए टेस्ट में कंगारू टीम को 144 और इंग्लिश टीम को 108 मुकाबलों में सफलता मिली है, जबकि 94 मैच ड्रॉ रहे। आस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच खेली गई 70 एशेज सीरीज में सिर्फ 5 बार ऐसा हुआ, जब सीरीज ड्रॉ रही है।

आइए बतातेे हैं आपको इंग्लैंड-आस्ट्रेलिया के बीच खेली गई उस सीरीज के बारे में, जिसमें इंग्लिश गेंदबाजों ने ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों के विकेट नहीं उखाड़े थे, बल्कि शरीर के एक-एक कलपूर्जे को ढीला कर दिया था।

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एशेज सीरीज - फोटो : social Media
एशेज जब शुरू होता है, तो टेस्ट क्रिकेट का रोमांच भी दोनों देशों के बीच चरम पर होता। मैदान पर खिलाड़ी कई बार एक दूसरे से भिड़ जाते हैं, नोकझोक लगातार देखने को मिलती है, लेकिन एशेज के इतिहास की सबसे विवादित सीरीज 1932-33 में खेली गई थी। तब दुनिया के महान बल्लेबाज कहे जाने वाले ऑस्ट्रेलिया के डॉन ब्रैडमैन का सिक्का 22 गज की पट्टी पर चला करता था। डॉन ब्रैडमैन उस सीरीज में बेहतरीन फॉर्म में थे। उन्हें रोकने के लिए इंग्लिश गेंदबाजों ने शरीर को खूब निशाना बनाया, सीरीज विवादों में रही और इसे ‘बॉडीलाइन सीरीज’ कहा गया।

don bradman
इंग्लैंड के कप्तान डगलस जार्डिन ने गेंदबाजों को ‘लेग थ्योरी’ बताई। तेज गेंदबाज हेरॉल्ड लॉरवुड ने शरीर को निशाना साध कर गेंदबाजी की। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज बिल वुडफुल को घायल कर दिया था। एडिलेड के स्टेडियम में मौजूद दर्शकों ने इंग्लिश टीम की हुटिंग की, लॉरवुड पर दर्शक भड़क गए। इसके बाद उन्होंने एक और ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज की पसलियां ही तोड़ दी थी। दर्शकों का गुस्सा उनके खिलाफ इतना बढ़ गया कि लॉरवुड को सुरक्षा के बीच मैदान से बाहर ले जान पड़ा था।

विजडन मैगजीन ने इसे डरावना टेस्ट कहा था। लॉरवुड ने पांच मैचों में 33 विकेट चटकाए थे। उन्होंने 20 बल्लेबाजों को शून्य के स्कोर पर पवेलिया की राह दिखा दिया था। ब्रैडमैन जैसे महान बल्लेबाज आठ पारियों में चार बार लॉरवुड का शिकार बने थे। ब्रैडमैन इस सीरीज में 44 की औसत से सिर्फ 396 रन ही बना पाए और सिर्फ एक शतक उनके बल्ले से निकला।
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एशेज सीरीज - फोटो : social Media
साल 1948 में ब्रैडमैन की अगुआई में ऑस्ट्रेलिया टीम सीरीज खेलने इंग्लैंड पहुंची। पहले टेस्ट में उसने मेजबान टीम को आठ विकेट से मात दी। दूसरा टेस्ट 409 रन से अपने नाम किया। मैनचेस्टर में खेला गया तीसरा टेस्ट ड्रॉ रहा। चौथे टेस्ट में कंगारू टीम ने सात विकेट से इंग्लिश टीम को धूल चटाई। चौथे टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने इतिहास रच दिया था। उसने 403 रन के लक्ष्य को महज तीन विकेट गंवाकर हासिल कर लिया था। आर्थुर मॉरिस ने 180 और कप्तान ब्रैडमैन ने 173 रन बनाए थे।

पांचवां टेस्ट मैच लंदन के द ओवल के मैदान पर खेला गया। यह क्रिकेट इतिहास के महान बल्लेबाज डॉन ब्रैडमैन का आखिरी मैच था। पहले बल्लेबाजी करने उतरी मेजबान इंग्लैंड की टीम महज 52 रन पर सिमट गई। ऑस्ट्रेलिया ने 389 रन बनाए, इस पारी में ब्रैडमैन शून्य पर आउट हो गए। उन्हें करियर में 100 की औसत के लिए चार रन बनाने थे, लेकिन लेग स्पिनर एरिक होलिस ने उन्हें बोल्ड कर दिया। ब्रैडमैन का करियर औसत 99.94 रह गया और इस मैच के बाद उन्होंने क्रिकेट को अलविदा कह दिया था।
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