किसी भी टीम के लिए इससे बुरी स्थिति क्या होगी कि पिछली बार के दौरे पर तीनों सीरीज जीत गई थी, लेकिन इस बार उसे 9 मैचों में से एक भी जीत नहीं मिली।
यहां बात हो रही है इंग्लैंड और श्रीलंका के बीच खेली गई सीरीज को लेकर। इंग्लैंड के खिलाड़ियों ने कुछ इस तरह का खेल दिखाया कि उसने श्रीलंका को इस दौरे पर एक भी मैच जीतने नहीं दिया। इस फुल दौरे पर दोनों टीमों ने टेस्ट और वनडे सीरीज के अलावा टी-20 सीरीज भी खेला लेकिन 9 मैचों में मेहमान टीम के खाते में एक भी जीत नहीं आई।
3 मैचों की टेस्ट सीरीज में इंग्लैंड ने 2-0 से जीत हासिल की, फिर 5 मैचों की वनडे सीरीज में मेजबान ने 3-0 और एकमात्र टी-20 मैच जीतकर श्रीलंका को जीत का स्वाद चखने ही नहीं दिया। हालांकि श्रीलंका के लिए खास बात यह रही कि उसे इन 9 मैचों में 3 में हार नहीं मिली। एक टेस्ट मैच वह ड्रॉ कराने में सफल रही, जबकि एक वनडे टाई हो गया तो एक मैच बारिश से धुल गया।
श्रीलंका के साथ यह बुरी स्थिति उस समय हुई जब 2 साल पहले इंग्लैंड के अपने फुल दौरे के दौरान तीनों सीरीज (टेस्ट, वनडे और टी-20) जीतकर स्वदेश लौटी थी, लेकिन इस बार उसके साथ हालात बदली हुई नजर आई। मई-जून, 2014 के दौरे के दौरान श्रीलंका ने 8 मैच खेले और 4 में जीत हासिल की, हालांकि 2 वनडे में हार जरूर मिली, पर टीम तीनों सीरीज जीतने में कामयाब रही।
2012 में आखिरी बार इंग्लैंड की धरती पर वेस्टइंडीज को जीत के बगैर लौटना पड़ा था। तब विंडीज टीम टेस्ट और वनडे सीरीज ही खेलने गई थी और हारकर वापस लौटी थी।