यासिर ने डोम सिबले को पारी के 36वें ओवर में आउट कर रूट के साथ दूसरे विकेट के लिए उनकी 64 रन की साझेदारी को तोड़ा। सिबले ने 114 गेंद की पारी में चार चौके की मदद से 36 रन बनाए।संभल कर खेल रहे रूट इसके बाद नसीम शाह की गेंद पर गच्चा खा गये और गेंद उनके बल्ले का बाहरी किनारा लेते हुए स्लिप में खड़े बाबर आजम के हाथ में चली गई। उन्होंने 84 गेंद में 42 रन बनाए।
यासिर शाह ने इसके बाद उपकप्तान बेन स्टोक्स (नौ रन) को विकेटकीपर मोहम्मद रिजवान के हाथों कैच करवाया। मैदानी अंपायर ने पाकिस्तान के खिलाड़ियों की अपील को हालांकि खारिज कर दिया था जिसके बाद कप्तान अजहर अली ने रिव्यू का सहारा लिया। टेलीविजन रिप्ले में गेंद उनके ग्लव्स से टकराता दिखा। ओली पोप भी कुछ खास नहीं कर सके और सात रन बनाकर तेज गेंदबाज शाहीन अफरीदी की गेंद पर आउट हो गए। पाकिस्तान के लिए यासिर के अलावा शाहीन अफरीदी, मोहम्मद अब्बास और नसीम शाह ने 1-1 विकेट लिए।
इससे पहले पाकिस्तान ने दिन की शुरूआत आठ विकेट पर 137 रन से की। टीम हालांकि तेजी से 32 रन जोड़कर 169 के स्कोर पर ऑल आउट हो गई। शुक्रवार के नाबाद बल्लेबाज यासिर शाह ने 33 रन बनाये। वह स्टुअर्ट ब्रॉड की गेंद पर विकेट के पीछे जोस बटलर को कैच थमा बैठे। इसके बाद जोफ्रा आर्चर ने नसीम शाह (चार रन) को बोल्ड कर पारी को खत्म किया।
ब्रॉड ने दूसरी पारी में 37 रन देकर तीन विकेट लिये जिससे मैच में उनके विकटों की संख्या छह हो गई। क्रिस वोक्स और बेन स्टोक्स ने दो-दो विकेट लिये।पाकिस्तान ने पहली पारी में 326 रन बनाने के बाद इंग्लैंड की पहली पारी को 219 रन पर समेट कर 107 की बढ़त हासिल की थी।
पाकिस्तान के कप्तान अजहर अली ने तीन मैचों की सीरीज के पहले टेस्ट में इंग्लैंड की जीत का श्रेय जोस बटलर और क्रिस वोक्स की साझेदारी को दिया। उन्होंने कहा कि उनकी टीम मौकों को भुनाने में नाकाम रही। ओल्ड ट्रैफर्ड में चौथे दिन पाकिस्तान की टीम इंग्लैंड द्वारा पेश की गई चुनौती का मुकाबला करने में विफल रही, जिससे उन्हें 3 विकेट की हार का सामना करना पड़ा।
अली ने मैच के बाद कहा, 'यह शानदार टेस्ट मैच था, लेकिन हारने वाली टीम होना निराशाजनक है। हमारे पास इंग्लैंड को ऑल आउट करने का मौका था। हमने रन आउट के कई मौकों को गंवा दिए। टेस्ट क्रिकेट में यह किसी अपराध की तरह है। मैच जीतने के लिए यह स्कोर काफी था।'
अजहर ने कहा, 'उन्होंने दबदबा बना लिया और पिच से भी कोई मदद नहीं मिल रही थी। उन्होंने रुख बदल दिया और हम उनकी चुनौती का जवाब नहीं दे सके।' इंग्लैंड के कप्तान जो रूट ने कहा कि उन्हें पता था कि 277 के लक्ष्य का पीछा करने के लिए एक विशेष पारी या साझेदारी की आवश्यकता होगी।
रूट ने कहा, 'खिलाड़ियों पर इससे अधिक गर्व नहीं किया जा सकता। शानदार साझेदारी (वोक्स और बटलर के बीच) और उससे से शानदार उनका तरीका था। हमें पता था कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए कुछ विशेष करना होगा। पिछली गर्मियों के बाद हालांकि हम ऐसी स्थिति में विश्वास करना नहीं छोड़ते। यही हमारी वास्तविक विशेषता है।'