भारतीय क्रिकेट टीम के कोच रवि शास्त्री ने शनिवार से ट्रैंटब्रिज में शुरू हो रहे तीसरे टेस्ट मैच से पहले संघर्ष कर रहे टीम के बल्लेबाजों से अधिक अनुशासन और धैर्य दिखाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मुश्किल हालात के बाद भी अभी समय की मांग यही है कि हम आत्मविश्वास दिखाये और धैर्यपूर्ण क्रिकेट खेलें।
इंग्लैंड की टीम पांच मैचों की श्रृंखला के पहले दो मैच जीत कर 2-0 से आगे है।
शास्त्री ने कहा, 'इस श्रृंखला में परिस्थितियां काफी मुश्किल रही है, लेकिन ऐसी ही स्थिति में आपको जज्बा और अनुशासन दिखाने का मौका मिलता है। अपको ऑफ स्टंप के बारे में पता होना चाहिए और काफी गेंदों को छोड़ना होगा। आपको धैर्य दिखाने के लिए तैयार रहना होगा।'
इस दौरे पर रहाणे की असफलता पर पूछे जाने पर उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि किसी एक खिलाड़ी पर निशाना साधना सही होगा। दोनों टीमों के बल्लेबाजों ने संघर्ष किया है। जरूरत के समय आपको मानसिक मजबूती दिखानी होगी, यह मानसिकता के बारे में है। अगले टेस्ट मैच में बल्लेबाजों के नजरिए से मानसिक मजबूती अहम होगी। रहाणे हमारी बल्लेबाजी का स्तंभ है और वह ऐसा बने रहेंगे।'
भारतीय टीम के लिए हालांकि अच्छी खबर यह है कि कप्तान विराट कोहली तीसरे टेस्ट से पहले पूरी तरह से फिट होने के करीब हैं। उन्होंने आज बिना किसी परेशानी के बल्लेबाजी अभ्यास के बाद स्लिप में कैच अभ्यास भी किया। जसप्रीत बुमराह, रविचंद्रन अश्विन और हार्दिेक पंड्या को भी मैच के लिए फिट घोषित किया है।
भारतीय टीम मैच में सही टीम संयोजन के साथ उतरना चाहेगी और कोच ने माना कि पिछले मैच में अतिरिक्त स्पिनर को टीम में शामिल करना गलती थी।
उन्होंने कहा, 'स्पिनर का चयन गलत था। हालात को देखते हुए हमें अतिरिक्त तेज गेंदबाज के साथ उतरना चाहिए था। इससे मदद मिलती। मगर आपको पहले से नहीं पता रहता कि कितनी बारिश होगी, मैच पांचवें दिन तक खिचेगा या नहीं जहां दूसरे स्पिनर की जरूरत होती।'
बेन स्टोक्स की वापसी से इंग्लैंड के लिए टीम चयन की सरदर्दी बढ़ गई है, लेकिन शास्त्री का मानना है कि मैदान से बाहर की घटना और अदालत से बरी किये जाने के बाद कोई ऐसा कारण नहीं है कि उन्हें मैच से बाहर रखना चाहिए।