अंडर-19 विश्व कप में भारत को चैंपियन बनाने वाली टीम के आठ खिलाड़ी मेगा ऑक्शन का हिस्सा नहीं हैं। इनमें टीम के उपकप्तान शेख रसीद, दो मैचों में कप्तानी करने वाले निशांत सिंधू और फाइनल में चार विकेट लेने वाले रवि कुमार भी शामिल हैं। ये सभी खिलाड़ी फिलहाल मेगा ऑक्शन का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन बीसीसीआई इन खिलाड़ियों को नियमों में छूट दे सकता है। ऐसा होने पर ये सभी खिलाड़ी नीलामी का हिस्सा बन सकेंगे और आईपीएल टीमें इनके ऊपर भी बोली लगा सकती हैं।
आईपीएल 2022 के लिए मेगा ऑक्शन का आयोजन 12 और 13 फरवरी को होना है। ऐसे में बीसीसीआई को जल्द ही इस मामले पर कोई फैसला लेना होगा। ताकि पांचवीं बार भारत को विश्व विजेता बनाने वाले ये युवा खिलाड़ी यह बड़ा मौका न चूकें।
क्या हैं बीसीसीआई के नियम
बीसीसीआई के नियमों के अनुसार आईपीएल ऑक्शन में वहीं खिलाड़ी शामिल हो सकते हैं, जिन्होंने कम से कम एक लिस्ट ए या फर्स्ट क्लास मैच खेला हो। इसके अलावा वो खिलाड़ी, जिनकी उम्र 19 साल से ज्यादा है वो दूसरे मैचों के प्रदर्शन के आधार पर भी टीम में जगह बना सकते हैं। भारत की मौजूदा अंडर-19 टीम में आठ खिलाड़ी ऐसे हैं, जिन्होंने कोई फर्स्ट क्लास या लिस्ट ए मैच नहीं खेला है, क्योंकि पिछले दो साल में ज्यादा घरेलू मैच नहीं हुए हैं। ऐसे में बीसीसीआई इन आठ खिलाड़ियों को नियमों में छूट दे सकता ताकि ये नीलामी में शामिल हो पाएं।
किन आठ खिलाड़ियों पर नहीं लगेगी बोली
भारत की अंडर-19 टीम के उपकप्तान शेख रसीद, दो मैचों में टीम की कप्तानी करने वाले निशांत सिंधू, ओपनिंग बल्लेबाज अंगकृष रघुवंशी, विकेटकीपर दिनेश बाना, तेज गेंदबाज रवि कुमार और गर्ग सांगवान के अलावा ऑलराउंडर सिद्धार्थ यादव और ऑफ स्पिनर मानव पारख मेगा ऑक्शन का हिस्सा नहीं हैं। इनमें से कई खिलाड़ियों ने टीम की जीत में अहम योगदान दिया था।
अगर इन सभी खिलाड़ियों को मेगा ऑक्शन में शामिल होने का मौका मिलता है तो शेख रसीद, निशांत सिंधू, अंगकृष रघुवंशी, दिनेश बाना और रवि कुमार को अच्छी रकम मिल सकती है। खासकर रवि कुमार और दिनेश बाना टी-20 के लिए बेहतरीन खिलाड़ी और इन दोनों पर बड़ी बोली लग सकती है।