उन्होंने कहा, 'जब भी कोई उस घटना का जिक्र करता है तो मैं उससे आग्रह करता हूं कि मुझे उस त्रासदी की याद नहीं दिलाए।' इस हमले का पाकिस्तान को काफी नुकसान उठाना पड़ा और देश में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट निलंबित हो गया और इस घटना के 10 साल बाद अब भी अधिकांश विदेशी टीमें देश का दौरा करने से इनकार कर रही हैं।
पाकिस्तान अपने घरेलू मैच यूएई में खेल रहा है और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड का मानना है कि इससे उसे 20 करोड़ डॉलर राजस्व का नुकसान हुआ है। यहां तक कि स्टार खिलाड़ियों की मौजूदगी वाली पाकिस्तान सुपर लीग के अधिकांश मैच भी यूएई में खेले जा रहे हैं। पाकिस्तान हालांकि प्रत्येक साल अधिक मैच अपने देश में कराने का प्रयास कर रहा है।
श्रीलंका टीम पर हमले के छह साल बाद 2015 में पाकिस्तान ने जिंबाब्वे के रूप में पहली बार अंतरराष्ट्रीय टीम की मेजबानी की। गद्दाफी स्टेडियम में कड़ी सुरक्षा के बीच मार्च 2017 में पीएसएल फाइनल खेला गया और विश्व एकादश ने लाहौर में तीन टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच भी खेले।
लेकिन सबसे बड़ी घटना श्रीलंका की टीम का आतंकी हमले के आठ साल बाद अक्टूबर 2017 में एकमात्र टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच के लिए पाकिस्तान लौटना रही। जिंबाब्वे के खिलाफ सीरीज के दौरान अधिकारी की भूमिका निभाने वाले रजा को श्रीलंका के खिलाफ मैच में मैदानी अंपायर की भूमिका मिली और उन्होंने इस संदर्भ में कहा, 'वह दिन काफी भावनात्मक था।'