अल जजीरा टेलीविजन नेटवर्क की इनवेस्टिगेटिव डॉक्यूमेंट्री में क्रिकेटरों पर लगाए गए मैच फिक्सिंग के आरोपों को ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के क्रिकेट बोर्डों ने बेबुनियाद ठहराया है। रविवार को अल जजीरा ने एक स्टिंग ऑपरेशन के आधार पर मैच फिक्सिंग से जुड़े मामले उजागर किए।
स्टिंग के आधार पर यह दावा किया गया कि इंग्लैंड के कुछ क्रिकेटर्स ने 2010 से लेकर 2012 तक 7 मैच फिक्स किए थे। इस स्टिंग में ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और पाकिस्तान के कुछ खिलाड़ियों के भी लिप्त होने की बात कही गई। हालांकि इसमें किसी भी खिलाड़ियों के नाम की जानकारी नहीं दी गई।
इस स्टिंग पर प्रतिक्रिया देते हुए इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने कहा, 'अल जजीरा ने मैच फिक्सिंग को लेकर जो सूचनाएं दी हैं वे सीमित हैं और बेहद खराब ढंग से तैयार की गई हैं। यह स्टिंग आधारहीन हैं और इसकी वजह खिलाड़ियों पर किसी तरह का दबाव नहीं बनाया जा सकता।' ईसीबी ने आगे कहा, 'हमें अपने पूर्व और वर्तमान खिलाड़ियों ईमानदारी और व्यवहार पर पूरा भरोसा है। क्रिकेट की गरिमा को बचाने के लिए हमेशा से गंभीर रहे है।'
वहीं क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के सीईओ जेम्स सदरलैंड ने कहा, 'मैच फिक्सिंग जैसे मामलों पर क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया हमेशा से गंभीर रहा है। इसका सबूत हम द. अफ्रीका के दौरे पर वॉर्नर और स्मिथ के खिलाफ कार्रवाई करके दे भी चुके हैं।' सदरलैंड ने कहा कि हम इस मामले पर बात कर चुके हैं और हमें अपने खिलाड़ी कहीं से भी गलत नहीं नजर आते।
'क्रिकेट मैच फिक्सर्स: द मुनव्वर फाइल्स' के शीर्षक से रिलीज इस डॉक्यूमेंट्री में दावा किया गया है कि इंग्लैंड के खिलाड़ियों ने 7 मैचों में, ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ियों ने 5 मैचों में, पाकिस्तान के क्रिकेटरों ने 3 मैचों में और 1 अन्य देश के क्रिकेटर ने फिक्सिंग की। इनमें भारत-इंग्लैंड के बीच लॉर्ड्स में खेला गया टेस्ट मैच, साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच 2011 में ही केप टाउन मं खेला टेस्ट मैच शामिल है।