ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन ने शनिवार को कहा कि तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी के अंदर अभी भी पहले की तरह जोश बरकरार है और वह भारतीय टीम में वापसी के लिए प्रतिबद्ध नजर आते हैं। शमी अपना 100वां प्रथम श्रेणी मैच खेलने के लिए तैयार हैं। शमी ने सेंट्रल जोन के खिलाफ सेमीफाइनल में पांच विकेट लेकर ईस्ट जोन को 13 साल बाद दलीप ट्रॉफी के फाइनल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। फाइनल में उसका सामना रविवार से साउथ जोन से होगा।
ईशान बोले- उम्र मायने नहीं रखती
ईशान ने कहा, मुझे लगता है कि शमी सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक हैं। वह इस खेल के दिग्गज हैं। जब से उन्होंने बंगाल के लिए खेलना शुरू किया है, तब से उनका प्रदर्शन शानदार रहा है। वह विकेट लेते रहे हैं। वह अपना सब कुछ झोंक देते हैं। शमी ने भारतीय टीम की तरफ से भी बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। मुझे लगता है उम्र तो बस एक संख्या है। अगर वह कड़ी मेहनत कर रहे हैं तो उम्र मायने नहीं रखती। मैं शमी भाई की वो ललक देखता हूं। वह बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और उनके टीम में होने से हमें आत्मविश्वास मिलता है।
शमी अभी 36 वर्ष के हैं और उनका करियर अवसान पर है, लेकिन ईशान ने कहा कि वह कुछ अतिरिक्त ओवर करने के लिए तैयार रहते हैं। उन्होंने कहा, शमी भाई ने विकेट लेने के लिए अतिरिक्त ओवर मांगे थे। कप्तान के रूप में मुझे उनका यह रवैया बहुत अच्छा लगा। इससे कप्तान का आत्मविश्वास भी बढ़ता है। उनके अंदर अब भी भारतीय टीम की तरफ से खेलने की ललक है। वह फिर से भारतीय टीम का हिस्सा बनना चाहते हैं।
शमी का सामना करने के लिए तैयार साउथ जोन
शमी ने भारत की तरफ से अपना आखिरी मैच चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ दुबई में खेला था। साउथ जोन के कप्तान तिलक वर्मा ने भी शमी की जमकर तारीफ की, लेकिन कहा कि उनकी टीम इस चतुर तेज गेंदबाज का सामना करने के लिए तैयार है। तिलक ने कहा, शमी भाई के खिलाफ खेलना हमारे लिए एक अच्छी चुनौती होगी। हमने पिछले मैच में देखा कि कैसे उन्होंने बल्लेबाजों को फंसाकर विकेट लिए। लेकिन हम उनका सामना करने के लिए तैयार हैं।