राम मंदिर ट्रस्ट में पहली बार सीईओ की नियुक्ति हो गई है। मंदिर ट्रस्ट में चढ़ावा चोरी को लेकर हुए बवाल के बाद ये बड़ा बदलाव किया गया है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि इस बदलाव के बाद क्या ट्रस्ट का ट्रस्ट लौटेगा। नए सीईओ की नियुक्ति के बाद राजनीतिक गलियारों में राम मंदिर मुद्दे पर किस तरह का बदलाव होगा। कुछ ऐसे ही सवालों पर इस हफ्ते खबरों के खिलाड़ी में चर्चा हुई। चर्चा के लिए वरिष्ठ पत्रकार विनोद अग्निहोत्री, पूर्णिमा त्रिपाठी और अनुराग वर्मा मौजूद रहे।
अनुराग वर्मा: एक तरफ मंदिर ट्रस्ट का भरोसा है और दूसरी तरफ सियासत है। ये दोनों मामलों का घालमेल है। विधानसभा चुनाव के दौरान ये मामला ठंडा हो पाएगा या नहीं उसका अभी अंदाजा लगा पाना जल्दबाजी होगी। इसके बाद भी विपक्ष उसका लाभ नहीं उठा पाए उसी के प्रयास में ये कदम उठाया गया है।