साउथ जोन और ईस्ट जोन के बीच दलीप ट्रॉफी फाइनल के तीसरे दिन का खेल समाप्त हो गया है। ईस्ट जोन के 708 रन के जवाब में साउथ जोन ने पहली पारी में छह विकेट पर 242 रन बनाए हैं और वह अभी 466 रन पीछे है। साउथ जोन की स्थिति मैच में अच्छी नहीं है और उस पर खतरा मंडरा रहा है। लेकिन साउथ जोन के कप्तान तिलक वर्मा क्रीज पर टिके हुए हैं।
शमी-मुकेश को मिली सफलताएं
तिलक वर्मा ने अर्धशतक जड़कर टीम को संभाले रखा है। स्टंप्स के समय तिलक 56 रन और चामा मिलिंद दो रन बनाकर क्रीज पर मौजूद हैं। ईस्ट जोन की ओर से मोहम्मद शमी और मुकेश कुमार को अब तक दो-दो विकेट मिला है, जबकि मोहम्मद कौनेन कुरैशी और शिखर मोहन को एक-एक सफलता मिली है।
साउथ जोन को लगे झटके पर झटके
एमए चिदंबरम स्टेडियम में टॉस जीतकर बल्लेबाजी के लिए उतरी ईस्ट जोन ने पहली पारी में 708 रनों का विशाल स्कोर बनाया। तीसरे दिन साउथ जोन की पहली पारी शुरू हुई। इस टीम ने 10 के स्कोर पर रिकी भुईं (1) का विकेट गंवा दिया था, जिसके बाद देवदत्त पड्डिकल ने नारायण जगदीशन के साथ दूसरे विकेट के लिए 60 रन की साझेदारी करते हुए टीम को 70 के स्कोर तक पहुंचा दिया।
तिलक वर्मा
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तिलक वर्मा ने संभाला मोर्चा
जगदीशन छह चौकों के साथ 32 रन बनाकर आउट हुए, जिसके बाद पड्डिकल ने शेख रशीद के साथ तीसरे विकेट के लिए 56 रन जुटाए। रशीद 27 रन बनाकर आउट हुए, जबकि पड्डिकल ने 4 चौकों के साथ 62 रन की पारी खेली। टीम ने 129 के स्कोर तक अपने चार विकेट गंवा दिए थे, जिसके बाद कप्तान तिलक वर्मा ने मोर्चा संभालते हुए स्मरण रविचंद्रन (23) के साथ पांचवें विकेट के लिए 45 रन और श्रेयस गोपाल (26) के साथ छठे विकेट के लिए 66 रन जुटाकर टीम को 200 के पार पहुंचा दिया। तिलक ने इस प्रतियोगिता में लगातार तीसरा 50 से अधिक का स्कोर बनाया। उन्होंने बेहद संयमित पारी खेलते हुए 143 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया।
शमी का दमदार प्रदर्शन
शमी ने दिन में तीन छोटे स्पेल किए। उन्होंने पहले तीन ओवर में दो मेडन डालते हुए सिर्फ एक रन दिया। दूसरे स्पेल में चार ओवर में एक मेडन के साथ 10 रन देकर एक विकेट और तीसरे स्पेल में चार ओवर में एक मेडन के साथ छह रन देकर एक विकेट हासिल किया। इस तरह उन्होंने कुल 11 ओवर में चार मेडन के साथ 17 रन देकर दो विकेट लिए। चेन्नई की उमस भरी परिस्थितियों को देखते हुए संभवत: शमी ने छोटे स्पेल में गेंदबाजी करना पसंद किया। शमी के आंकड़े शायद बहुत प्रभावशाली नहीं दिखते, लेकिन उन्होंने गेंद पर नियंत्रण और जरूरत के समय अपनी गति तथा धार बढ़ाने की क्षमता का भरपूर प्रमाण दिया। जिस सपाट पिच पर दक्षिण क्षेत्र के गेंदबाज शुरुआती दो दिन ज्यादा प्रभाव नहीं छोड़ सके थे, वहां शमी ने अपने अनुभव और कौशल का शानदार मिश्रण पेश किया।