सौराष्ट्र और गुजरात के बीच 29 फरवरी से शुरू होने वाले रणजी ट्रॉफी सेमीफाइनल मैच के दौरान पहली बार देश की शीर्ष घरेलू प्रतियोगिता में निर्णय समीक्षा प्रणाली (डीआरएस) का उपयोग किया जाएगा।
टीमों को प्रत्येक पारी में चार रेफरल दिए जाएंगे लेकिन टेक्नोलोजी में हॉकआई और अल्ट्रा ऐज शामिल नहीं होंगे जो कि अंतरराष्ट्रीय मैचों में उपयोग होने वाले डीआरएस के प्रमुख अंग हैं। सौराष्ट्र क्रिकेट संघ ने कहा,‘रणजी में पहली बार डीआरएस को लागू किया जाएगा। रणजी के सेमीफाइनल और फाइनल मैचों में डीआरएस प्रणाली अपनाई जाएगी।’
पिछले सप्ताह बीसीसीआई के क्रिकेट महाप्रबंधक सबा करीम ने कहा था कि रणजी के नॉकआउट से नहीं बल्कि सेमीफाइनल के लिए डीआरएस के सीमित उपयोग की योजना हमेशा से थी।