अभ्यास मैच की शुरुआत में इस बात को लेकर बहस थी कि इंडिया ‘ए’ के कप्तान सुरेश रैना ने स्पिनरों को टीम में मौका क्यों नहीं दिया। लेकिन मुख्य स्पिनरों के बजाय पार्टटाइम स्पिनरों ने ही इंग्लैंड टीम की बल्लेबाजी की कलई खोल दी। पहली पारी में पचासा ठोकने वाले युवराज ने मुख्य स्पिनर की कमी को पूरा किया और पांच विकेट चटकाकर भारतीय टेस्ट टीम में वापसी दावा मजबूती से ठोक दिया।
हालांकि इंग्लैंड इलेवन और इंडिया ‘ए’ के बीच पहला तीन दिवसीय अभ्यास मैच बेनतीजा रहा। मैच के तीसरे दिन इंग्लैंड ने समित पटेल के शानदार शतक की बदौलत इंडिया ‘ए’ के 369 रन के मुकाबले 426 रन बनाकर पहली पारी के आधार पर 57 रन की बढ़त हासिल की। पटेल ने 173 गेंदों में 104 की अपनी पारी में 14 चौके ठोके। मैट प्रायर ने 51 जबकि टिम ब्रेसनन ने नाबाद 33 रन की पारी खेली। चोटिल होने के कारण तेज गेंदबाज मैट प्रायर बल्लेबाजी करने नहीं उतरे।
मैच का अंतिम दिन इंडिया ‘ए’ के आलराउंडर युवराज सिंह और इंग्लैंड के आलराउंडर समित पटेल के नाम रहा। इंग्लैंड ने सुबह अपनी पहली पारी चार विकेट पर 286 रन से आगे शुरू की थी। युवराज की गेंदबाजी ने दिखा दिया कि भले ही इंग्लैंड ने पहली पारी में बढ़त हासिल की हो लेकिन उसके बल्लेबाज स्पिन गेंदबाजी खेलने में अभी भी लाचार हैं। युवराज के प्रथम श्रेणी कैरियर का यह सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन है। इस मैच में नौ में से कुल छह विकेट युवराज और कप्तान सुरेश रैना ने चटकाए। रैना ने एकमात्र विकेट जोनाथन ट्रोट का हासिल किया।
इंडिया ‘ए’ ने मैच ड्रा समाप्त होने तक अपनी दूसरी पारी में 40 ओवर में चार विकेट पर 124 रन बनाए। पहली पारी में 73 रन बनाने वाले ओपनर अभिनव मुकुंद तीन रन और मुरली विजय 32 रन बनाकर आउट हुए। अजिंक्य रहाणे ने 98 गेंदों में छह चौकों के साथ 54 रन की पारी खेली। युवराज सिंह 27 गेंदों में 14 रन बनाकर आउट हुए जबकि कप्तान सुरेश रैना 19 रन बनाकर नाबाद रहे।
फिट और हिट युवराज
इंग्लैंड इलेवन के खिलाफ पहले अभ्यास मैच में इंडिया ‘ए’ के लिए गेंद और बल्ले से अच्छा प्रदर्शन करके युवराज सिंह ने भारतीय टीम में वापसी के लिए ताल ठोक दी है। इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम में छठवें नंबर के स्थान को लेकर सुरेश रैना और युवराज सिंह के बीच अनकही जंग छिड़ी हुई है। लेकिन अगर पहले अभ्यास मैच के प्रदर्शन पर नजर डाले तो पलड़ा युवराज का भारी नजर आता है।
युवराज ने पहली पारी में 59 रन बनाने के बाद गेंदबाजी करते हुए इंग्लैंड के चार विकेट चटकाए। वहीं, रैना ने पहली पारी में सिर्फ 20 रन बनाए और एक विकेट झटका। दूसरी पारी में रैना 19 रन बनाकर नाबाद रहे। युवराज ने अपनी फिटनेस भी पूरी तरह से साबित कर दी है। ऐसे में टीम प्रबंधन के लिए युवराज को नजरअंदाज करना टेढ़ी खीर साबित होगा।