दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैन ऑफ द सीरीज रहे रोहित शर्मा के बचपन के कोच दिनेश लाड टेस्ट में भी ओपनर के रूप में अपने शिष्य की कामयाबी से गदगद हैं। लाड ने अमर उजाला से कहा कि रोहित को टेस्ट करियर के शुरू में जो मौके मिले उन्होंने जमने के बाद गलत शॉट खेलकर उन्हें गंवा दिया। इंग्लैंड में वनडे विश्व में रोहित ने शुरू के दस ओवर संभल कर खेले।
उन्होंने शॉट खेलने के लिए ढीली गेंद का इंतजार किया। यह उनके टेंपरामेंट में बड़ा बदलाव था। शुरू में कुछ संभल कर खेलने की बदली सोच और रणनीति रोहित के बहुत काम आई। विश्व कप की कामयाबी ने रोहित की बतौर ओपनर सोच तो बदली ही उन्हें यह भरोसा भी दिया कि वह टेस्ट में भी इस क्रम पर कामयाब हो सकते हैं। अब तो रोहित जब तक टेस्ट में खेलेंगे ओपनिंग ही करेंगे। रोहित ने बतौर टेस्ट ओपनर शुरुआती हड़बड़ी छोड़ दी है।
रोहित की एक बड़ी ताकत यह है कि वह बाउंसर पर जवाबी हमला बोल कर तेज गेंदबाजों के हमलों की धार कुंद कर देते हैं। उनके लिए सबसे अच्छी बात कप्तान विराट कोहली का भरोसा जताना रहा। उनके भरोसे के कारण ही रोहित खुद को कामयाब टेस्ट ओपनर के रूप में स्थापित कर पाए।
यह भी सच है कि धोनी ऐसे कप्तान रहे जिन्होंने उन पर सबसे ज्यादा भरोसा किया। टीम इंडिया की ताकत रोहित, मयंक, पुजारा, कोहली और रहाणे के रूप में दुनिया के पांच बेहतरीन बल्लेबाज हैं। कभी दुनिया के तेज गेंदबाज भारतीय बल्लेबाजों को आतंकित करते थे। आज उमेश, शमी और इशांत जैसे रफ्तार के सौदागरों से दुनिया भर की टीमें खौफ खाती हैं।