टीम इंडिया इस समय न्यूजीलैंड में तीन मैचों की टी20 सीरीज खेल रही है। इसके बाद तीन वनडे मैच की सीरीज भी खेली जाएगी, लेकिन भारत के कई अहम खिलाड़ी और कोच राहुल द्रविड़ इस समय टीम के साथ नहीं हैं। भारतीय कप्तान रोहित शर्मा, विराट कोहली, केएल राहुल और कोच राहुल द्रविड़ को इस सीरीज में आराम दिया गया है।
व्यस्त शेड्यूल के बीच खिलाड़ियों का आराम करना सामान्य है, लेकिन ऐसा कम ही होता है जब किसी टीम के कोच को भी आराम दिया जाए। इसी वजह से राहुल द्रविड़ के ब्रेक लेने पर जमकर बवाल हो रहा है। भारतीय टीम के पूर्व कोच रवि शास्त्री ने इस मामले पर कहा था “मैं ब्रेक लेने में यकीन नहीं करता। क्योंकि मैं अपनी टीम को समझना चाहता हूं, मैं अपने खिलाड़ियों को समझना चाहता हूं और फिर अपनी टीम को नियंत्रण में रखना चाहता हूं। ये ब्रेक ... ईमानदार से कहूं तो आपको इतने ब्रेक की क्या आवश्यकता है? आपको आईपीएल के दौरान दो से तीन महीने मिलते हैं, एक कोच के रूप में आराम करने के लिए यह पर्याप्त होते हैं। लेकिन बाकी समय मुझे लगता है कि एक कोच को हमेशा टीम के साथ रहना चाहिए, चाहे वह कोई भी हो।"
रवि शास्त्री के बयान पर बात करते हुए दिनेश कार्तिक ने एक स्पोर्ट्स वेबसाइट से कहा कि भारत का न्यूजीलैंड दौरा खत्म होने से पहले ही बांग्लादेश दौरा शुरू हो जाएगा। कोई इंसान एक साथ दो जगहों पर नहीं हो सकता। इसी वजह से इस सीरीज में कोच द्रविड़ को आराम दिया गया है।
कार्तिक ने कहा “जैसा कि हम कहते हैं, 30 तारीख को टीम बांग्लादेश जा रही है और न्यूजीलैंड की यह सीरीज 30 तारीख को खत्म नहीं होगी। मुझे नहीं लगता कि वह एक समय में दो जगहों पर हो सकते हैं। तो यह समझा जा सकता है।”
कार्तिक ने आगे कहा “यह कुछ ऐसा है जिसे टीम इंडिया को 2023 के वनडे विश्व कप के बाद देखने की जरूरत है। इस समय नए अनुबंध किए जाएंगे। मुझे लगता है कि स्प्लिट कोचिंग एक ऐसी चीज है जिसकी बहुत अधिक संभावना है। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के साथ टेस्ट क्रिकेट मजेदार हो रहा है। इसका मतलब है कि हर दो साल में आपके पास खेलने के लिए बहुत कुछ है। आपके पास टेस्ट क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ियों का एक बहुत ही अलग सेट होगा। सीमित ओवर में आपके पास दोनों प्रारूपों में खेलने वाले खिलाड़ी होंगे, लेकिन आप देखेंगे कि बहुत सारे टेस्ट खिलाड़ी इसका हिस्सा नहीं हैं। इसलिए मुझे एक अलग टेस्ट और सीमित ओवर कोच होने से कोई फर्क नहीं पड़ता, जिसे इंग्लिश टीम ने अपनाया है।
जब इतनी अधिक मात्रा में क्रिकेट खेला जाता है, जहां कुछ दौरे एक ही समय पर होते हैं, तो आपके पास ऐसे कोच होंगे जो उपयोगी हैं। बांग्लादेश में दो टेस्ट और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चार टेस्ट अब महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि यहां जीतने से भारत को विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में जगह मिल सकती है। इसलिए उन्होंने उन सीरीज का हिस्सा बनना चुना है। इसलिए बांग्लादेश और ऑस्ट्रेलिया टेस्ट सीरीज में भारत के सभी बड़े खिलाड़ी खेल रहे हैं। टी20 में अभी कम जोर दिया जाएगा, क्योंकि विश्व कप की तैयारी में दो साल हैं।"