बीसीसीआई ने भारतीय क्रिकेटरों को विदेशी लीगों में खेलने की अनुमति नहीं दी है। इस मामले पर जमकर बवाल हो रहा है। टी20 विश्व कप में इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल मैच में टीम इंडिया की हार के बाद वसीम अकरम, अनिल कुंबले, स्टीफन फ्लेमिंग और टॉम मूडी सहित कई दिग्गजों ने कहा था कि अगर भारतीय खिलाड़ियों को विदेशी लीग में खेलने का मौका मिलता तो नतीजा कुछ और हो सकता था।
कई खिलाड़ियों ने यह कहा कि बीसीसीआई को भारतीय खिलाड़ियों को विदेशी लीग में खेलने की अनुमति मिलनी चाहिए। इसके बाद भारतीय कोच राहुल द्रविड़ ने कहा था कि अगर भारतीय खिलाड़ी विदेशी लीग में खेलेंगे तो भारत का घरेलू क्रिकेट खत्म हो जाएगा। कई विदेशी लीग उसी समय होती हैं, जब भारत में रणजी ट्रॉफी और बाकी घरूली टूर्नामेंट होते हैं। अगर भारतीय खिलाड़ी पैसे के चक्कर में इन लीग में खेलेंगे तो भारत का घरेलू क्रिकेट खत्म हो जाएगा और टेस्ट टीम कमजोर हो जाएगी।
राहुल के इस बयान पर उनकी काफी आलोचना हो रही थी। अब पूर्व क्रिकेटर जहीर खान और रवि शास्त्री उनके समर्थन में आए हैं।
जहीर ने प्राइम वीडियो के साथ बातचीता में कहा "मुझे लगता है कि बहुत सारी चीजे हैं। फ्रेंचाइजी क्रिकेट खेलना जरूरी नहीं है। विदेश में जाकर चीजें सीखना जरूरी है। बीसीसीआई अपनी ए टीम के दौरे कराती है और वह काफी बेहतर हैं। मुझे लगता है कि ये चीजें सही तरीके से चल रही है। मुझे खिलाड़ियों के किसी विदेशी टूर्नामेंट में खेलने का कोई अन्य कारण नहीं दिख रहा है। अभी आपके पास एक मजबूत संरचना है। तो दूसरों पर निर्भर क्यों रहें? हमारे पास अच्छे खिलाड़ी पैदा करने के लिए भरपूर साधन हैं और आप हमारी बेंच स्ट्रेंथ को भी देखें। आप एक साथ तीन टीमों को उतार सकते हैं और वह किसी भी स्तर पर मैच जीतने में सक्षम होंगी।"
इसी बातचीत के दौरान रवि शास्त्री ने कहा, "इन सभी खिलाड़ियों के लिए सिस्टम में आने और मौका पाने के लिए पर्याप्त घरेलू क्रिकेट है। इसके अलावा, आपको भारत ए के दौरे मिलते हैं, आपको इनमें से कई अन्य दौरे मिलते हैं, जहां एक समय में आपके पास भविष्य में दो भारतीय टीमें खेल सकती हैं, जहां भारत में खेलने के अलावा कहीं और जाने का अवसर भी मिलेगा। आप दूसरे देश में खेलने के लिए जाएं और देखें कि आप क्या कर सकते हैं। तो (विदेशी लीग में खेलने की) कोई जरूरत नहीं है, वे आईपीएल खेल रहे हैं और घरेलू क्रिकेट पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। उन्हें भारत में भी घरेलू क्रिकेट खेलने की जरूरत है।"