भारतीय टीम के पूर्व कप्तान दिलीप वेंगसरकर इस बात से निराश हैं कि चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान रोहित शर्मा के संन्यास की अटकलें चल रही थी। वेंगसरकर ने रोहित का समर्थन करते हुए कहा कि रोहित जैसे दिग्गज खिलाड़ियों को अपने भविष्य पर फैसला करने के लिए समय मिलना चाहिए। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में खराब प्रदर्शन के बाद रोहित के भविष्य पर सवाल उठने लगे थे।
भारत को दिलाया दूसरा आईसीसी खिताब
रोहित ने हालांकि, अपनी कप्तानी में भारत को करीब नौ महीने के भीतर दूसरा आईसीसी खिताब दिलाया। चैंपियंस ट्रॉफी जीतने के बाद रोहित ने अपने संन्यास से जुड़ी खबरों को खारिज कर दिया था। वेंगसरकर ने कहा, मैं कोई ज्योतिषी नहीं हूं। 2027 विश्व कप तक अभी बहुत सारे मैच होने हैं। बहुत कुछ उनकी फॉर्म और फिटनेस पर निर्भर करेगा। इस समय कुछ भी कहना उचित नहीं है लेकिन वह कप्तान और खिलाड़ी दोनों के रूप में शानदार रहे हैं। मुझे नहीं पता कि लोगों ने उनके संन्यास पर क्यों अटकलें लगाईं, यह गैरजरूरी है। उनके जैसे कद के खिलाड़ी को अपने भविष्य के बारे में फैसला करने का अधिकार होना चाहिए।
टी20 विश्व कप 2024 और चैंपियंस ट्रॉफी दोनों में बल्लेबाजी के लिए चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में रोहित ने प्रभावशाली पारियां खेली। दुबई में उन्होंने सुनिश्चित किया कि भारत पावरप्ले का अधिक से अधिक लाभ उठाए, विशेषकर फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ बेहद दबाव में लक्ष्य का पीछा करते समय।
रोहित की मौजूदगी पर क्या बोले वेंगसरकर?
वेंगसरकर ने कहा, रोहित इस समय जिस तरह से खेल रहे हैं वह शानदार है। उन्होंने वनडे क्रिकेट में तीन दोहरे शतक बनाए हैं। मैं उनके बारे में और क्या कह सकता हूं। विराट और रोहित जैसे खिलाड़ी बड़े मैच के खिलाड़ी हैं, जितना बड़ा मंच होगा, प्रदर्शन उतना ही बेहतर होगा। टीम के दृष्टिकोण से यह बहुत महत्वपूर्ण है। उनकी मौजूदगी ही विपक्षी टीम का मनोबल गिरा देती है।