अंगुली में फ्रैक्चर के कारण एक समय पूनम यादव का विश्व कप में खेलना भी संदिग्ध हो गया था, लेकिन भारतीय लेग स्पिनर ने कहा कि आत्मविश्वास ने उन्हें नई ऊर्जा दी और इसकी बानगी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले मैच में उनके प्रदर्शन में भी दिखी।
दिसंबर में टूर्नामेंट से पहले एक शिविर के दौरान यादव की अंगुली में चोट लग गई थी। शुरुआती मैच में ऑस्ट्रेलिया पर जीत की सूत्रधार बनीं यादव अगर नहीं खेल पाती तो भारत को उनकी कमी जरूर खलती।
पूनम ने 17 रन देकर चार विकेट लिए।
उन्होंने कहा कि मुझे नहीं पता था कि चोट इतनी बदतर हो जाएगी। चोट के बाद मैने अपनी डाइट और फिटनेस पर फोकस किया। यादव ने आईसीसी वेबसाइट पर कहा कि मुझे विश्वास था कि मैं किसी भी समय गेंदबाजी कर सकती हूं। रमन सर ने पूछा कि क्या मैं मानसिक रूप से तैयार हूं। मैने कहां, हां लेकिन मुझे शारीरिक रूप से भी तैयार रहना जरूरी था। इस गेंदबाज ने कहा कि उन्होंने टी-20 विश्व कप खेलने की उम्मीद कभी नहीं छोड़ी थी।
उन्होंने कहा कि मुझे पूरा यकीन था कि मैं वापसी कर सकूंगी। अच्छी बात यह है कि विश्व कप से डेढ़ महीने ( लगभग 45-50 दिन ) पहले यह हादसा हुआ। ईश्वर को धन्यवाद कि जो बुरा होना था, वह पहले ही हो चुका।
भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने यादव की तारीफ करते हुए कहा, ‘वह हमेशा टीम के लिए खेलती हैं। उन्हें खेलना इतना आसान नहीं और इसके लिए संयम की जरूरत होती है। उसने शानदार प्रदर्शन किया।’