एम वेंकैया नायडू ने भी माराडोना के निधन पर शोक व्यक्त किया और कहा कि वह एक ऐसे खिलाड़ी थे, जिन्होंने अपने जादूई खेल से लाखों लोगों को सम्मोहित किया। उप राष्ट्रपति सचिवालय ने नायडू के हवाले से ट्वीट किया, 'उनका अचानक निधन फुटबॉल की दुनिया का एक भारी नुकसान है। दुख की इस घड़ी में उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदनाएं। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दें।'
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी संवेदना जताई। फुटबॉल के प्रशंसक इस राजनेता ने ट्वीट किया, 'डिएगो माराडोना, एक लीजैंड अब हमारे बीच नहीं रहे। वह ऐसे जादूगर थे जिन्होंने दिखाया कि फुटबॉल का खेल खूबसूरत क्यों कहा जाता है, उनके परिवार, दोस्तों, प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदना। ग्रासियास अर्जेंटीना।’
पेले के साथ दुनिया के सर्वश्रेष्ठ फुटबॉलरों में गिने जाने वाले माराडोना पिछले लंबे समय से कोकीन की लत और मोटापे से जुड़ी कई परेशानियों से जूझ रहे थे। दो सप्ताह पहले ही दिमाग के ऑपरेशन के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दी गई थी। अपनी अगुवाई में अर्जेंटीना को 1986 का विश्व कप दिलाने के साथ ही वह दो दशक से अपने लंबे करियर में फुटबॉलप्रेमियों के नूरे नजर रहे। नशे की लत और राष्ट्रीय टीम के साथ नाकामी ने उनकी साख को ठेस पहुंचाई, लेकिन फुटबॉल के दीवानों के लिये वह ‘गोल्डन ब्वॉय’ बने रहे।