फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Diego Maradona Death: माराडोना को पीएम मोदी की श्रद्धांजलि, गोवा में लगेगी आदमकद प्रतिमा

Thu, 26 Nov 2020 09:55 AM IST
अंशुल तलमले स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
भारत दौरे के दौरान डिएगो - फोटो : पीटीआई
विज्ञापन

फुटबॉल के जादूगर डिएगो माराडोना की मौत पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया है। 60 वर्ष की उम्र में हृदयघात से बुधवार रात अर्जेंटीना के इस स्टार खिलाड़ी ने दुनिया को अलविदा कहा था। पीएम मोदी ने संवेदना जताते हुए कहा, 'अपने बेहतरीन करियर में उन्होंने हमें फुटबॉल के मैदान पर कुछ बेहतरीन खेल के क्षण दिए। उनके असामयिक निधन ने हम सभी को दुखी किया है।'

विज्ञापन

 

उपराष्ट्रपति ने भी जताया शोक

एम वेंकैया नायडू ने भी माराडोना के निधन पर शोक व्यक्त किया और कहा कि वह एक ऐसे खिलाड़ी थे, जिन्होंने अपने जादूई खेल से लाखों लोगों को सम्मोहित किया। उप राष्ट्रपति सचिवालय ने नायडू के हवाले से ट्वीट किया, 'उनका अचानक निधन फुटबॉल की दुनिया का एक भारी नुकसान है। दुख की इस घड़ी में उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदनाएं। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दें।'
 

गोवा में लग रही विशाल प्रतिमा

गोवा सरकार अगले साल की शुरुआत में पूर्वी जिले के तटीय इलाके में इस महान फुटबॉलर की विशाल प्रतिमा लगाने जा रही है। राज्य सरकार के सीनियर मंत्री और कालींगुट के विधायक माइकल लोबो ने बताया कि, ‘माराडोना की प्रतिमा पहले से ही बन रही है। महाराष्ट्र के एक कलाकार उस पर काम कर रहे हैं।’ लोबो ने 2018 में ही प्रदेश में माराडोना की प्रतिमा स्थापित करने की घोषणा की थी।

माराडोना ने दिखाया कि फुटबॉल खूबसूरत खेल क्यों है: राहुल गांधी 

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी संवेदना जताई। फुटबॉल के प्रशंसक इस राजनेता ने ट्वीट किया, 'डिएगो माराडोना, एक लीजैंड अब हमारे बीच नहीं रहे। वह ऐसे जादूगर थे जिन्होंने दिखाया कि फुटबॉल का खेल खूबसूरत क्यों कहा जाता है, उनके परिवार, दोस्तों, प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदना। ग्रासियास अर्जेंटीना।’
 
विज्ञापन

एक युग का अंत

डिएगो माराडोना - फोटो : ट्विटर
पेले के साथ दुनिया के सर्वश्रेष्ठ फुटबॉलरों में गिने जाने वाले माराडोना पिछले लंबे समय से कोकीन की लत और मोटापे से जुड़ी कई परेशानियों से जूझ रहे थे। दो सप्ताह पहले ही दिमाग के ऑपरेशन के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दी गई थी। अपनी अगुवाई में अर्जेंटीना को 1986 का विश्व कप दिलाने के साथ ही वह दो दशक से अपने लंबे करियर में फुटबॉलप्रेमियों के नूरे नजर रहे। नशे की लत और राष्ट्रीय टीम के साथ नाकामी ने उनकी साख को ठेस पहुंचाई, लेकिन फुटबॉल के दीवानों के लिये वह ‘गोल्डन ब्वॉय’ बने रहे।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें