भुवनेश्वर कुमार
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आईपीएल में शानदार प्रदर्शन ने दिलाई वापसी
भुवनेश्वर ने 2025 और 2026 के आईपीएल सत्र में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए शानदार प्रदर्शन किया। इन दो सत्रों में उन्होंने कुल 45 विकेट लिए और टीम की लगातार दो आईपीएल खिताबी जीत में अहम भूमिका निभाई। 2025 में उन्होंने 17 विकेट हासिल किए, जबकि 2026 के सत्र में उनके खाते में 28 विकेट रहे। नई गेंद से स्विंग और सीम कराने की उनकी क्षमता ने एक बार फिर उन्हें चर्चा में ला दिया। पावरप्ले में उनकी गेंदबाजी ने कई शीर्ष बल्लेबाजों को परेशान किया।
भुवनेश्वर कुमार
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जिस स्विंग ने साथ छोड़ा, वही बनी वापसी की वजह
भुवनेश्वर को 2022 में भारतीय टीम से बाहर किए जाने के पीछे उनकी गति में कमी और गेंद को स्विंग कराने की क्षमता का कम होना बड़ी वजह माना गया था। उस दौर में टी20 क्रिकेट में युवा और तेज गेंदबाजों का दबदबा बढ़ रहा था। लेकिन भुवनेश्वर ने हार नहीं मानी। उन्होंने बिना किसी सार्वजनिक बयान या विवाद के अपनी गेंदबाजी पर काम जारी रखा। उत्तर प्रदेश के लिए सफेद गेंद के क्रिकेट में खेलते रहे और युवा गेंदबाजों के लिए भी मार्गदर्शक की भूमिका निभाई। इसके बाद आईपीएल में उनके प्रदर्शन ने साबित किया कि उनकी सबसे बड़ी ताकत आज भी गेंद को हवा में स्विंग कराने और सीम मूवमेंट हासिल करने की कला है।
भुवनेश्वर कुमार-विराट कोहली
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मेरठ की हवा में है स्विंग का हुनर
भुवनेश्वर कुमार मेरठ से आते हैं, जिसे भारत में स्विंग गेंदबाजी और क्रिकेट गेंद बनाने की परंपरा के लिए भी जाना जाता है। उनसे पहले मेरठ के ही तेज गेंदबाज प्रवीण कुमार ने भारतीय क्रिकेट में अपनी स्विंग गेंदबाजी से खास पहचान बनाई थी। भुवनेश्वर की पहचान उनकी सटीक आउटस्विंगर और अचानक अंदर आने वाली गेंदों के लिए रही है। उनकी गेंदबाजी में गति से ज्यादा नियंत्रण और मूवमेंट अहम रहा है। यही अनुभव अब न्यूजीलैंड दौरे पर टीम इंडिया के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।
जसप्रीत बुमराह
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बुमराह की गैरमौजूदगी में अनुभव आएगा काम
भुवनेश्वर की वापसी को जसप्रीत बुमराह की गैरमौजूदगी के संदर्भ में भी अहम माना जा रहा है। अनुभवी तेज गेंदबाज के पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का लंबा अनुभव है और वह युवा गेंदबाजों को भी काफी कुछ सिखा सकते हैं। टीम में शामिल मयंक यादव और प्रिंस यादव को भविष्य के विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है। ऐसे में भुवनेश्वर का अनुभव इन युवा गेंदबाजों के लिए भी काफी महत्वपूर्ण हो सकता है।
भुवनेश्वर कुमार।
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भुवनेश्वर का शानदार अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड
भुवनेश्वर ने भारत के लिए अब तक 21 टेस्ट, 121 वनडे और 87 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले हैं। टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनके नाम 90 विकेट हैं। सफेद गेंद के क्रिकेट में नई गेंद से स्विंग कराने की उनकी क्षमता लंबे समय तक भारतीय टीम की बड़ी ताकत रही है।
वरुण चक्रवर्ती
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वरुण चक्रवर्ती की भी वापसी
न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए घोषित टीम में स्पिनर वरुण चक्रवर्ती की भी वापसी हुई है। एशियाई खेलों से पहले चोट के कारण वह टीम से बाहर हो गए थे। अब फिट होकर उन्होंने टीम में जगह बना ली है।
श्रेयस अय्यर
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22 अक्तूबर से शुरू होगी सीरीज
भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज 22 अक्तूबर से 1 नवंबर तक खेली जाएगी। पहला और दूसरा मुकाबला क्राइस्टचर्च में, तीसरा मैच वेलिंगटन, चौथा ऑकलैंड और पांचवां मुकाबला हैमिल्टन में खेला जाएगा। टी20 सीरीज के बाद भारत न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच वनडे और दो टेस्ट मैच भी खेलेगा।
मोहम्मद शमी
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भुवी की वापसी ने मोहम्मद शमी की उम्मीदें भी बढ़ाईं
भुवनेश्वर की वापसी ने भारतीय क्रिकेट में एक और सवाल को जन्म दे दिया है, क्या अनुभवी तेज गेंदबाजों के लिए राष्ट्रीय टीम के दरवाजे फिर से खुल रहे हैं? उनके कमबैक के बाद एक पूर्व भारतीय खिलाड़ी और बीसीसीआई अधिकारी ने मजाकिया अंदाज में कहा, 'अगर भुवनेश्वर आ गए हैं तो मोहम्मद शमी क्यों नहीं?' चार साल के इंतजार के बाद भुवनेश्वर की वापसी सिर्फ एक खिलाड़ी का कमबैक नहीं है। यह उस गेंदबाज की वापसी है जिसने मुश्किल दौर में भी बिना शोर किए अपनी कला पर काम जारी रखा और आईपीएल में प्रदर्शन के जरिए चयनकर्ताओं को जवाब दिया। अब न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में एक बार फिर उनकी स्विंग गेंदबाजी पर सबकी नजर होगी।