सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त प्रशासकों की कमेटी (सीओए) के चेयरमैन विनोद राय और डायना एडुल्जी के बीच चल रही उठा-पटक बीसीसीआई सीईओ राहुल जौहरी तक पहुंच गई है। महिला कोच के अनुबंध के मुद्दे पर उनकी मंजूरी नहीं लेने पर डायना ने अब राहुल जौहरी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
डायना ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देकर अकेले विनोद राय के आदेशों का पालन करने के लिए जौहरी के खिलाफ कार्रवाई तक की बात कही है। वहीं जौहरी ने जवाब में डायना के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि वह कानूनी राय लेने के बाद ही सीओए चेयरमैन के आदेशों का पालन कर रहे हैं।
डायना ने महिला टीम के कोच डब्ल्यूवी रमन के अनुबंध की घोषणा बिना उनकी मंजूरी के किए जाने पर राहुल को घेरा है। उन्होंने राहुल को लिखे ईमेल में लिखा है कि वह लगातार उन्हें यह कह रही हैं कि जो भी फैसले लिए जाएं उसमें उनकी मंजूरी को भी शामिल किया जाए, लेकिन वह लगातार इसका उल्लंघन कर रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के मुताबिक किसी भी फैसले पर पूर्ण सीओए की मंजूरी लेना जरूरी है, लेकिन उनकी ओर से एकतरफा आदेशों का पालन किया जा रहा है। यह गलत और असंवैधानिक है। डायना ने साफ किया कि 20 दिसंबर को उन्होंने 10 बजकर 20 मिनट पर उन्हें मेल किया था कि बिना उनकी मंजूरी के कोच की घोषणा नहीं की जाए, लेकिन 10 बजकर 44 मिनट पर ही उनकी ओर से कोच के नाम की मीडिया रिलीज जारी कर दी गई। यह रवैया पूरी तरह से गैरपेशेवराना और उनकी जिम्मेदारियों के खिलाफ है जो उनके खिलाफ कार्रवाई का कारण बनता है।
राहुल ने जवाब में कहा है कि उनकी ओर से इस मामले में जस्टिस श्रीकृष्णा से ली गई राय की कॉपी उन्हें भेजी जा चुकी है। सभी आशा करते हैं कि सीओए का कोई भी फैसला एक आवाज में लिया जाए लेकिन यहां ऐसा नहीं है। क्रिकेट केहक में जस्टिस श्रीकृष्णा से कानूनी राय लेकर यह रास्ता निकाला गया है।
हेमंत रस्तोगी