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आईपीएल मामले में नाम घसीटे जाने से दुखी थे धोनी

Thu, 01 Jan 2015 10:32 PM IST
अमर उजाला/दिल्ली
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शिष्य महेंद्र सिंह धोनी के फैसले से उनके बचपन के कोच चंचल भट्टाचार्य भी हैरान हैं। हालांकि उनका यह भी कहना है कि यह सही समय पर  लिया गया सही निर्णय है। इससे पहले लोग उन पर अंगुली उठाते उन्होंने लोगों का ही मुंह बंद कर दिया।
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वैसे चंचल उम्मीद कर रहे थे उनका प्रिय शिष्य कुछ और समय के लिए टेस्ट क्रिकेट में खेलेगा, लेकिन वह यह भी कहते हैं कि आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में खुद का नाम घसीटे जाने से वह दुखी थे। वह यह नहीं कहेंगे कि इस वजह से ही धोनी ने सन्यास लिया है, लेकिन वह इस सब से खुश नहीं थे।

उन्हें यह भी पूरी उम्मीद है कि जिस तरह देश के दिग्गज क्रिकेटर कपिल देव इस तरह के आरोपों से पाक-साफ निकले। ठीक उसी तरह धोनी का दामन भी बेदाग निकलेगा। वह खेल के लिए जान देना वाला लड़का है। चंचल ने रांची से अमर उजाला को बताया कि उनकी धोनी से सन्यास लेने के बाद बात नहीं हुई है, लेकिन जब वह रांची आएंगे तो एक बार उनके इस फैसले पर जरूर बात करेंगे।
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चंचल यह भी कहते हैं कि धोनी ने नया फोन लिया है और यह नंबर उनके पास नहीं है। वरना वह उनसे जरूर बात कर लेते। जब वह रांची में थे तो उनसे मिले थे, लेकिन उस दौरान उन्होंने कभी भी अपने सन्यास के बारे में कोई चर्चा नहीं की। चंचल के मुताबिक पहले तो उन्होंने धोनी के इस निर्णय से हैरानी हुई, लेकिन अब उन्हें लगता है कि यह फैसला उनका बिलकुल ठीक है।

ठीक वैसे ही जब 1987 में सुनील गावस्कर ने क्रिकेट को अलविदा कहा था। उस वक्त हर कोई यही कह रहा था नहीं सुनील को अभी थोड़ा और खेलना चाहिए। धोनी के बारे में भी यही कहा जा रहा है। उन्हें थोड़ा और खेलना चाहिए था। यही नहीं चंचल इस बात को भी खारिज कर देते हैं कि उनका विदेशी धरती पर खराब रिकार्ड सन्यास की वजह रही है।

चंचल को इस बात का दुख है कि उनके शिष्य का नाम आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में बेवजह घसीटा गया। यही बात धोनी को भी हजम नहीं हो रही थी। चंचल कहते हैं कि धोनी के समर्पण पर कोई सवालिया निशान नहीं लगा सकता। मुद्गल कमेटी रिपोर्ट में भी उनका नाम कहीं भी नहीं लिया गया है। वह तो चेन्नई सुपरकिंग्स के कप्तान हैं और यह टीम श्रीनिवासन की है। इसी वजह से धोनी का नाम भी बदनाम किया जा रहा है।
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