भारत सरकार ने एक राष्ट्रीय योजना का खाका तैयार किया है जिसके तहत अधिकारी घर घर जाकर देखेंगे कि लोग शौचालयों का इस्तेमाल कर रहे हैं या नहीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन महीने पहले देशभर में स्वच्छता अभियान शुरू किया था।
इसी के तहत यह कदम उठाया जा रहा है। सैनिटेशन इंस्पेक्टरों को घर-घर जाकर सर्वेक्षण करने और इसकी रिपोर्ट मोबाइल और टैबलेट के जरिए तैयार करने को कहा गया है।
एक सरकारी बयान में कहा गया है कि यह सर्वेक्षण पहले हुए सर्वेक्षणों से एक कदम आगे जाकर हो रहा है जब केवल शौचालयों की मौजूदगी का ही हिसाब रखा जाता था। सरकार का कहना है कि उसने अक्टूबर से अब तक 50 लाख घरेलू शौचालयों का निर्माण कराया है।
हालांकि संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक भारत की तकरीबन आधी आबादी घरों में बने शौचालयों का इस्तेमाल नहीं करना चाहती। संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि इस वजह से बड़े पैमाने पर गंदगी से जुड़ी बीमारियां और मौतें होती हैं।