टीम इंडिया ने वर्ल्ड कप में फिर से वेस्टइंडीज को पटखनी दे दी है। पिछली बार भी वर्ल्ड कप में होली के दिन भारत का मुकाबला वेस्टइंडीज से था और इस बार भी उसके सामने रंगों के इस त्योहार के दिन यही कैरेबियाई टीम सामने थी।
पर्थ में खेले गए मैच में उतरने से पहले भारत और कप्तान धोनी के लिए यह मैच बेहद खास था क्योंकि जहां टीम इंडिया वर्ल्ड कप में 4 साल पहले शुरू हुए अपने अजेय रथ को आगे बढ़ाने की जद्दोजहद में थी वहीं कप्तान को विदेशी धरती पर वनडे क्रिकेट में सबसे सफल भारतीय कप्तान बनने के लिए यह मैच जीतना था। अच्छी बात यह रही कि दोनों अपने-अपने मकसद में कामयाब रहे।
टीम इंडिया की वर्ल्ड कप में जहां यह लगातार आठवीं जीत है, वहीं आईसीसी की ओर से आयोजित वनडे टूर्नामेंट में उसकी लगातार 13वीं जीत है। 2011 वर्ल्ड कप के अपने अंतिम लीग मुकाबले में विंडीज टीम को हराने के बाद टीम इंडिया अजेय रहते हुए खिताब पर कब्जा जमाया था, इसके बाद 2 साल बाद 2013 में इंग्लैंड में चैंपियंस ट्रॉफी में अपने सभी पांचों मैच खेलकर चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया था। पहली बार किसी टीम के पास एक समय में वर्ल्ड कप और चैंपियंस ट्रॉफी जैसे प्रतिष्ठित खिताब थे।
भारत ने इस जीत के साथ ही वर्ल्ड कप में विंडीज पर जीत की हैट्रिक लगा दी है। भारत ने वर्ल्ड कप में 1996 और 2011 के बाद 2015 में कैरेबियाई टीम को हराया है। 1996 से पहले भारत वर्ल्ड कप में विंडीज टीम के साथ 5 बार भिड़ा जिसमें उसने 3 मैच गंवाए थे।
पिछले वर्ल्ड कप में जहां भारत ने अपने विजयी अभियान में सिर्फ एक मैच दक्षिण अफ्रीका के हाथों गंवाया था वहीं इस बार उसने अपने सभी चारों मैच जीत लिए हैं जिसमें दक्षिण अफ्रीका पर जीत भी शामिल है। भारत अपना अजेय रथ दहाई तक पहुंचा सकता है क्योंकि उसके अगले 2 मैच बेहद आसान हैं। भारत को लीग चरण में अब आयरलैंड और जिम्बाब्वे से खेलना है।