बाएं हाथ के धाकड़ बल्लेबाज शिखर धवन को टीम इंडिया में भले ही देर से मौका मिला हो लेकिन अब जब उन्हें मौका मिला है तो वे इसका भरपूर फायदा उठा रहे हैं।
धवन ने इंग्लैंड में चैंपियंस ट्रॉफी और इसके बाद वेस्ट इंडीज में त्रिकोणीय सीरीज तथा जिंबाब्वे सीरीज में अपनी बल्लेबाजी के गुर दिखाए। धवन ने पिछले तीनों ही सीरीज विदेशी धरती पर खेली और उसमें वो सफल भी रहे।
साल के अंत में टीम इंडिया को दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर जाना है। इससे पहले नए खिलाड़ियों को वहां के माहौल में रमने के लिए भारत ए की टीम में शामिल कर दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर भेजा गया।
त्रिकोणीय एकदिवसीय दौरे पर भारतीय टीम फाइनल में पहुंचने में कामयाब रही। इस कामयाबी के पीछे धवन की बल्लेबाजी का भी अहम योगदान है।
अंतिम लीग मैच में उन्होंने मेजबान दक्षिण अफ्रीका ए के खिलाफ 248 रनों की धमाकेदार पारी खेली जिसकी बदौलत टीम फाइनल में पहुंचने में सफल रही।
धवन ने सीरीज में एक दोहरे शतक के अलावा दो अर्द्धशतक भी लगाए। हालांकि वह सीरीज के पहले मैच में ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ ज्यादा सफल नहीं रहे और महज 15 रन ही बना पाए।
अपने दूसरे मैच में उन्होंने 85 रनों के अलावा फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ 62 रनों की उपयोगी पारी खेली।
भारत ए टीम को 17 अगस्त से दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दो चार दिवसीय टेस्ट (अनाधिकृत) मैच खेलने हैं।
धवन और अन्य भारतीय खिलाड़ियों का अगला टेस्ट चार दिवसीय मैच में होना है। और उनकी इन मैचों में सफलता ही आगे का रास्ता तय कर सकती है।