चैंपियंस ट्रॉफी में अपने फौलादी बल्ले और फिरकी में फंसाती गेंदों से कमाल करने वाले शिखर धवन और रवींद्र जडेजा की ताव खाती मूंछों ने मैदान से बाहर जलवा दिखाना शुरू कर दिया है।
इंग्लैंड को फाइनल में पटखनी देने वाली टीम इंडिया के ज्यादातर खिलाड़ियों ने इस बार दाढ़ी-मूंछ को अहमियत दी और उनका रफ-टफ लुक सभी को लुभा रहा है।
लेकिन टीम के जिन दो खिलाड़ियों ने खास प्रदर्शन किया, वे धवन और जडेजा है। टूर्नामेंट में धवन ने 90.75 की औसत से सबसे ज्यादा 363 रन बनाए, जबकि जडेजा ने सबसे ज्यादा 12 विकेट लिए।
इस धमाकेदार प्रदर्शन ने कॉरपोरेट पिच पर उनकी कीमत और महत्व काफी बढ़ा दिया है। शिखर धवन के मैनेजर बंटी साजदेह का कहना है, 'हर बातचीत में उनकी मूंछों का जिक्र होता है और ज्यादातर ब्रांड मैनेजर का मानना है कि उनकी पर्सनेलिटी को यह सूट करती हैं।'
एंडोर्समेंट की कोशिशें तेज
बंटी फिलहाल धवन के लिए एंडोर्समेंट डील को अंतिम रूप देने में लगे हैं। कुछ ब्रांड अपने कैम्पेन में उनकी मूंछों को खास तरजीह दे सकती हैं।
स्पोर्ट्सवियर ब्रांड एडिडास और धवन की बातचीत जारी है। एडिडास के ब्रांड डायरेक्टर तुषार गोकलदास ने कहा, 'उनकी मूंछें कूल पर्सनेलिटी की ओर इशारा करती हैं और एक्स-फैक्टर जोड़ती है, जो हमारे लाइफस्टाइल ब्रांड के लिए मुफीद है।'
इसके अलावा मजाकिया अंदाज में सर की उपाधि से नवाजे गए रवींद्र जडेजा ने भी दिखा दिया कि कप्तान धोनी पर टूर्नामेंट से पहले उन पर दांव क्यों लगा रहे थे?
उन्होंने अहम मौकों पर कई विकेट झटके और जरूरत पड़ने पर रन भी जुटाए। कई ब्रांड जडेजा को एंडोर्समेंट के लिए तलाश रहे हैं।
हालिया टूर्नामेंट में टीम के करीब आधे खिलाड़ी दाढ़ी-मूंछ रखे हुए थे और क्लीन शेव को अहमियत नहीं दी गई। विराट कोहली, दिनेश कार्तिक और खुद धोनी भी दाढ़ी में नजर आए। अब यह टोटका था या नया स्टाइल है, लेकिन कामयाब जरूर रहा।