खबरों के मुताबिक इस कंपनी के निदेशक मुकेश खुराना और एचआर इंफ्रासिटी प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक गौतम मेहता पर धोखाधड़ी का आरोप लगा है। उन पर एनसीआर में तमाम निवेशकों के पैसों का गबन करने का आरोप है।
वहीं, टीम इंडिया के इस पूर्व खिलाड़ी पर यह आरोप लगा है कि कंपनी ने उनके नाम का फायदा उठाते हुए तमाम निवेशकों से करोड़ों रुपये लिए। दरअसल, कंपनी लोगों को वादे के हिसाब से घर देने में असफल रही।
हालांकि, इस मामले में कोर्ट ने पहले गंभीर की पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि वो सिर्फ ब्रैंड एमबेस्डर की भूमिका निभा रहे थे और उनका नाम किसी चार्जशीट में भी नहीं है।
बहरहाल, साकेत कोर्ट के जज श्री मनीष खुराना ने गंभीर के खिलाफ जमानती वारंट जारी कर दिया है। वहीं, कंपनी को डिफॉल्टर लिस्ट में डाल दिया है।