आईपीएल के सीजन-6 में दिल्ली डेयर डेविल्स को अब तक जीत का स्वाद नहीं मिला है। पहले 4 मैचों में हार के बाद दिल्ली अंतिम पायदान पर है।
टीम के मुख्य बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग इस सीजन के पहले तीन मैचों में बाहर बैठे थे। चौथे मैच में उनकी वापसी भी दिल्ली को जीत नहीं दिला पाई।
पिछले सीजन में सहवाग की कप्तानी में दिल्ली लीग मैचों में 11 जीत दर्ज कर टॉप पर रही। जबकि इस बार महेला जयवर्धने की कप्तानी में पहले 4 मैचों में हार मिली है।
इस सीजन में दिल्ली की टीम के साथ केवल केविन पीटरसन ही नहीं हैं। पीटरसन के अलावा लगभग सभी खिलाड़ी टीम का हिस्सा हैं।
इसी टीम ने आईपीएल-5 के दौरान 16 मैच खेलते हुए 11 में जीत दर्ज की थी। 2012 में कप्तान वीरेंद्र सहवाग थे।
इस बार सहवाग अनफिट होने के कारण पहले 3 मैचों में नहीं थे। अब जब सहवाग टीम में वापस आ चुके हैं तो क्या उन्हें कप्तानी दे देनी चाहिए?
जयवर्धने खुद अपने देश की टीम की कप्तानी नहीं करते हैं जबकि सहवाग दिल्ली की कप्तानी करते हुए हमेशा प्रभावी रहे हैं।
चार मैचों में हार के बावजूद कप्तान माहेला जयवर्धने का कहना है कि वह टीम की इस हालत को लेकर चिंतित नहीं हैं।
क्या जयवर्धने का इस तरह का बयान टीम का मनोबल बढ़ा पाएगा। दिल्ली को टॉप-4 में पहुंचने के लिए बचे हुए 12 मैचों में कम से कम 9 जीत दर्ज करनी होगी।