फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

WPL Final 2025: दिल्ली कैपिटल्स लगातार तीसरी बार खिताब से क्यों चूकी? मुख्य कोच जोनाथन बैटी ने बताया कारण

Sun, 16 Mar 2025 12:01 PM IST
शोभित चतुर्वेदी स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

दिल्ली कैपिटल्स फाइनल में मुंबई इंडियंस के खिलाफ 150 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए आठ रन से चूक गई। इससे पहले दो सत्रों में उसे आरसीबी और मुंबई ने ही हराया था।
विज्ञापन
दिल्ली कैपिटल्स - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मेग लैनिंग की अगुआई वाली दिल्ली कैपिटल्स एक बार फिर महिला प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) का खिताब जीतने से चूक गई। नेट सिवर ब्रंट के हरफनमौला प्रदर्शन के दम पर मुंबई इंडियंस ने दिल्ली कैपिटल्स को आठ रन से हराकर फाइनल मैच जीत लिया। दिल्ली ने तीनों की सत्र में शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन खिताबी मैच में वो चूक जा रही है। अब मुख्य कोच जोनाथन बैटी ने इस बारे में राय रखी है कि दिल्ली की टीम खिताब क्यों नहीं जीत सकी। 
विज्ञापन

आठ रन से दिल्ली को मिली हार 
दिल्ली कैपिटल्स फाइनल में मुंबई इंडियंस के खिलाफ 150 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए आठ रन से चूक गई। इससे पहले दो सत्रों में उसे आरसीबी और मुंबई ने ही हराया था। बैटी ने कहा कि शायद उनकी टीम दबाव का सामना नहीं कर सकी जिस कारण उन्हें हार का सामना करना पड़ा। कोच ने कहा, सभी बहुत आहत हैं। मुझे लगता है कि इस विकेट पर 150 रन का लक्ष्य हासिल किया जा सकता था। बड़ा मैच, फाइनल खेलने का दबाव शायद खिलाड़ी झेल नहीं पाए लेकिन मुंबई को जीत का श्रेय जाता है जिन्होंने इस स्कोर का भी बचाव कर लिया। उन्होंने हमारे लिए काफी कठिन कर दिया और हम कभी दबाव बना नहीं पाए।

ये भी पढ़ें: WPL: क्या नहीं चल रहा सबसे सफल ऑस्ट्रेलियाई महिला कप्तान मेग लैनिंग का जादू? दिल्ली खिताब से तीसरी बार भी चूकी
विज्ञापन

लगातार फाइनल में हारने के दबाव को खारिज किया
बैटी ने कहा कि पिछले दो फाइनल हारने का उनकी टीम पर कोई मनोवैज्ञानिक दबाव नहीं था। उन्होंने कहा, सभी लड़कियां काफी सकारात्मक थीं। मैं उन्हें दोष नहीं देता। ऐसी नकारात्मक बातें हो रही थी कि पिछले दो फाइनल हारने का कोई दबाव है लेकिन ऐसा नहीं था। वे सभी काफी सकारात्मक और आत्मविश्वास से भरी थीं। कोई मानसिक गतिरोध नहीं था। हमने इस विकेट पर उन्हें 149 रन पर रोक दिया, जबकि 180 रन बन सकते थे। हम हार से आहत हैं और आत्ममंथन में समय लगेगा कि गलती कहां हुई। लगातार दो कड़े मुकाबले खेलें हैं और यह इतना करीबी मैच था कि बस आठ रन यानी दो चौकों के अंतर से हारे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें