वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज के पहले मैच में भारतीय ऑलराउंडर दीपक हुड्डा ने अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेला। इस मैच में उन्होंने 26 रन की नाबाद पारी खेलकर भारतीय टीम को जीत के पार पहुंचाया। पूर्व भारतीय कप्तान विराट कोहली ने वनडे सीरीज के पहले मैच में हुड्डा को अंतरराष्ट्रीय टीम की टोपी दी थी। इसके साथ ही विराट ने हुड्डा के बचपन का सपना पूरा कर दिया। हुड्डा चाहते थे कि उन्हें वनडे की कैप धोनी या कोहली के हाथों मिले। हालांकि, धोनी हुड्डा का यह सपना पूरा नहीं कर सके, लेकिन कोहली इस ऑलराउंडर का सपना पूरा कर दिया।
वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज में हुड्डा ने दोनों मैच खेले हैं और दोनों मैचों में उन्होंने भारत के लिए अहम पारियां खेली हैं। पहले मैच में उन्होंने धैर्य के साथ बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम को जीत दिलाई। इस मैच में उन्होंने नाबाद 26 रन बनाए। वहीं दूसरे मैच में जब भारत पहले बल्लेबाजी कर रहा था तब हुड्डा ने 29 रन बनाए। वो अंत तक क्रीज पर जमे रहे और अंत में बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में आउट हुए। इसके साथ ही उन्होंने एक विकेट भी लिया। मैच के लिहाज से यह विकेट बहुत महत्वपूर्ण था।
बचपन का सपना पूरा हुआ
बीसीसीआई ने एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें हुड्डा अपने साथी खिलाड़ी सूर्यकुमार यादव के साथ बात करते नजर आ रहे हैं। इस दौरान हुड्डा ने कहा कि उनका बचपन का सपना था कि उन्हें धोनी या कोहली के हाथों वनडे की कैप मिले। और पहले वनडे में कोहली से कैप मिलना काफी शानदार था। उन्होंने हमेशा से ही इस पल के लिए जमकर मेहनत की है। राहुल द्रविड़, विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे दिग्गज खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम में रहने पर उन्होंने कहा कि यह उनका सौभाग्य है। वो इन खिलाड़ियों से सिर्फ सीखने की कोशिश कर रहे हैं।
भारत ने वनडे सीरीज में अजेय बढ़त बनाई
वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज में भारत ने 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है। टीम इंडिया ने सीरीज का पहला मैच छह विकेट से अपने नाम किया था। वहीं दूसरे मैच में भारत ने विंडीज को 44 रन से हराया। इस सीरीज के दोनों मैचों में खास बात यह रही है कि दोनों बार भारत के गेंदबाजों ने प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब हासिल किया। पहले मैच में चार विकेट लेने वाले युजवेन्द्र चहल प्लेयर ऑफ द मैच बने थे। वहीं दूसरे मैच में प्रसिद्ध कृष्णा ने यह खिताब अपने नाम किया। भारतीय जमीन पर ऐसा कम ही होता है, जब गेंदबाज लगातार प्लेयर ऑफ द मैच बनें, लेकिन यह सीरीज भारतीय गेंदबाजों के लिए खास रही है।