ऑस्ट्रेलिया और जिम्बाब्वे के बीच वनडे सीरीज का आखिरी मुकाबला जिम्बाब्वे के लिए यादगार रहा। इस मैच में जिम्बाब्वे ने पहली बार ऑस्ट्रेलियाई टीम को उसके घर में हराया। खास बात यह थी कि इस मैच में ऑस्ट्रेलिया के सभी दिग्गज खिलाड़ी खेल रहे थे, लेकिन अपनी टीम को हार से नहीं बचा सके। कंगारू टीम को इस मैच में तीन विकेट से हार का सामना करना पड़ा। ऑस्ट्रेलिया की हार में टीम की खराब बल्लेबाजी का योगदान सबसे ज्यादा था। टीम के सिर्फ दो बल्लेबाज ही दहाई का आंकड़ा छू पाए।
हालांकि, डेविड वॉर्नर ने कमाल का बल्लेबाजी की और अपनी टीम का स्कोर 100 रन के पार ले गए। वॉर्नर ने इस मैच में ऑस्ट्रेलियाई पारी की शुरुआत की और आठवें विकेट के रूप में पवेलियन लौटे। इस दौरान उन्होंने 96 गेंद खेलकर 94 रन बनाए। उनकी पारी में 14 चौके और दो छक्के शामिल थे। उनकी इस पारी की बदौलत ही ऑस्ट्रेलियाई टीम 141 के स्कोर तक पहुंच सकी। वॉर्नर के अलावा सिर्फ ग्लेन मैक्सवेल ही दहाई के स्कोर तक पहुंच सके। मैक्सवेल ने 19 रन बनाए।
विवियन रिचर्ड्स के क्लब में शामिल हुए वॉर्नर
डेविड वॉर्नर ने इस पारी के चलते विवियन रिचर्ड्स के खास क्लब में जगह बना ली है। ऑस्ट्रेलिया की इस पारी में उन्होंने अकेले 66.67 फीसदी रन बनाए, जबकि विवियन रिचर्ड्स ने 1984 में वेस्टइंडीज के कुल स्कोर के 69.48 फीसदी रन बनाए थे। इसके साथ ही वॉर्नर ने कपिल देव और रोहित शर्मा का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। कपिल ने 1983 में नाबाद 175 रन की पारी खेली थी और 65.78 फीसदी रन बनाए थे। वहीं, रोहित ने अपनी 264 रन की पारी के दौरान भारत के कुल स्कोर के 65.34 फीसदी रन बनाए थे।
एकदिवसीय पारी में सर्वाधिक रनों का प्रतिशत
69.48 - विवियन रिचर्ड्स (272/9 का 189*) बनाम इंग्लैंड, 1984
66.67 - डेविड वार्नर (141 में से 94) बनाम जिम्बाब्वे, 2022
65.78 - कपिल देव (266/8 का 175*) बनाम जिम्बाब्वे, 1983
65.34 - रोहित शर्मा (404/5 का 264) बनाम श्रीलंका, 2014
64.25 - टोनी उरा (235 में से 151) बनाम आयरलैंड, 2018
जिम्बाब्वे ने रचा इतिहास
इस मैच में जिम्बाब्वे ने तीन विकेट से जीत दर्ज की और इतिहास रच दिया। यह पहला मौका था, जब जिम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया को उसके घर में हराया। 142 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी काइटानो और मरुमानी की सलामी जोड़ी ने अच्छी शुरुआत की और पहले विकेट के लिए 38 रन जोड़े। छोटे लक्ष्य का पीछा करते हुए यह अच्छी शुरुआत थी। काइटानो 19 रन बनाकर आउट हुए और एक छोर पर विकेट गिरने का सिलसिला शुरू हो गया। 77 रन के स्कोर पर टीम के पांच विकेट गिर चुके थे। मरुमानी भी 35 रन बनाने के बाद टीम का साथ छोड़ गए। इसके बाद कप्तान रेजिस चकाबवा और टोनी मुनयोंगा ने पारी संभाली। दोनों ने छठे विकेट के लिए 39 रन की साझेदारी कर टीम का स्कोर 100 के पार पहुंचाया। 115 के स्कोर पर टोनी आउट हो गए। उन्होंने 17 रन बनाए।
सातवें विकेट के लिए कप्तान चकाबवा और रेयान बर्ल ने 22 रन की साझेदारी की बर्ल 11 रन बनाकर आउट हुए, लेकिन तब तक टीम का स्कोर 137 रन हो चुका था और जीत तय हो चुकी थी। अंत में रेजिस चकाबवा ने ब्रैड इवांस के साथ मिलकर टीम को तीन विकेट रहते जीत दिलाई। कप्तान रेजिस चाकबवा 37 रन बनाकर नाबाद रहे और टीम को जीत दिलाकर ही वापस लौटे।