आईपीएल 2022 के 58वें मैच में दिल्ली कैपिटल्स ने राजस्थान रॉयल्स को आठ विकेट से हरा दिया। इस जीत के साथ ही दिल्ली की टीम प्लेऑफ की रेस में बनी हुई है। इस मैच की दूसरी पारी में ऐसा नजारा देखने को मिला, जो क्रिकेट के मैदान पर बहुत कम देखने को मिलता है। राजस्थान के गेंदबाज युजवेन्द्र चहल की एक गेंद स्टंप पर लगी, स्टंप की लाइट भी जली, लेकिन वॉर्नर आउट नहीं हुए। खास बात यह थी कि यह नो गेंद भी नहीं थी। यह नजारा देखकर अंपायर से लेकर बल्लेबाज और गेंदबाज तक सब हैरान रह गए। क्रिकेट के नियम 29.1 ने वॉर्नर को बचा लिया। यहां हम इस नियम के बार में बता रहे हैं।
राजस्थान के खिलाफ मैच में डेविड वॉर्नर ने 41 गेंदों में 52 रन की नाबाद पारी खेली। इस दौरान उनके बल्ले से पांच चौके और एक छक्का निकाला। दिल्ली के लिए पारी की शुरुआत करने वाले वॉर्नर अपनी टीम को जीत दिलाकर ही वापस लौटे।
क्या है पूरा मामला?
राजस्थान ने पहले बल्ले बल्लेबाजी करते हुए 160 रन बनाए थे। इसके जवाब में दिल्ली की टीम पहले ही ओवर में श्रीकर भरत का विकेट गंवा चुकी थी, लेकिन वॉर्नर और मार्श ने बेहतरीन साझेदारी कर अपनी टीम की वापसी कराई। इस बीच वॉर्नर ने चहल की एक गेंद पर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन वो सफल नहीं हुए और गेंद सीधे जाकर उनके स्टंप पर लगी। राजस्थान की टीम ने सोचा कि उन्हें अहम विकेट मिल गया है। वॉर्नर भी खुद को आउट मानकर निराश हो गए थे, लेकिन अगले ही पल उनकी खुशी लौट आई।
चहल की गेंद स्टंप पर जरूर लगी, लेकिन गिल्लियां नहीं बिखेर सकी। गेंद स्टंप पर लगने के बाद लाइटें भी जलीं, लेकिन गिल्लियां नहीं गिरने के कारण वो आउट नहीं हुए। वॉर्नर अंत तक खेलते रहे और अपनी टीम को जीत दिलाकर वापस लौटे।
क्या है क्रिकेट का नियम?
क्रिकेट के नियम 29.1.1 के अनुसार किसी बल्लेबाज को आउट तभी दिया जा सकता है, जब स्टंप में गेंद लगने से गिल्लियां नीचे गिर जाएं या स्टंप जमीन से उखड़ जाए। चहल की गेंद स्टंप पर जरूर लगी थी, लेकिन न तो गिल्लियां नीचे गिरी थीं और न ही स्टंप जमीन से उखड़े थे। इसी वजह से वॉर्नर को आउट नहीं दिया गया।