इस शनिवार मुंबई इंडियंस का मुकाबला दो बार की चैंपियन चेन्नई सुपर किंग्स से होगा। मुंबई के कप्तान पोंटिंग की चुनौती दो बार की चैंपियन चेन्नई को हराकर इस टूर्नामेंट में पहली जीत करने की होगी।
रिकी पोंटिंग और महेंद्र सिंह धोनी अपने देश के सबसे सफल कप्तान हैं। रिकी पोंटिंग अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह चुके हैं जबकि धोनी अभी भी अपने चरम पर हैं।
आईपीएल के सीजन-6 में धोनी चेन्नई और पोंटिंग मुंबई की कप्तानी कर रहे हैं। हालांकि पोंटिंग की मुंबई इंडियंस अपना पहला मुकाबला 2 रन के मामूली अंतर से हार चुकी है। लेकिन इससे पोंटिंग और उनकी टीम की काबिलियत पर सवाल नहीं उठाया जा सकता है।
आईपीएल में पहली बार धोनी और पोंटिंग बतौर कप्तान आमने सामने होंगे। इससे पहले यह दोनों कई बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस भूमिका में मिल चुके हैं।
अंतिम बार धोनी और पोंटिंग बतौर कप्तान 2011 विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में मिले थे। इस मुकाबले में पोंटिंग ने शतक लगाया लेकिन अपनी टीम को जीत नहीं दिला पाए।
धोनी और पोंटिंग में अंतर
बतौर कप्तान रिकी पोंटिंग जितने आक्रामक रहे हैं उसके मुकाबले धोनी को कूल कप्तान माना गया है। रणनीति के मामले में पोंटिंग प्रयोग को उतनी वरीयता नहीं देते हैं जितनी धोनी मैच के दौरान करते रहते हैं।
धोनी के नेतृत्व में टीम पहले भी कई ऐसे कमाल कर चुकी है जब टीम मैच लगभग हार चुकी होती थी। जबकि पोंटिंग पहली ही गेंद से दबाव बनाने में विश्वास करते हैं।
चेन्नई में भिड़ेंगी दोनों टीमें
सुपर किंग्स शनिवार को चेन्नई में अपने घरेलू मैदान पर लीग का पहला मैच खेलने उतरेगी। मुंबई की टीम में एक से एक महंगे और अनुभवी खिलाड़ियों की फौज है।
लेकिन टीम के पिछले प्रदर्शन से साफ है कि आखिर तक आते आते जीत इनके हाथ से फिसल जाती है।
ऐसे में दो बार की चैंपियन चेन्नई के लिए रायल चैंलेंजर्स से अपना पिछला मुकाबला हार चुकी मुंबई पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने और उसका फायदा उठाने का मौका होगा।
मुंबई के कप्तान रिकी पोंटिंग पहला मुकाबला गंवाकर दबाव में आ चुके हैं और टीम के औसत प्रदर्शन से विपक्षी टीम कितना फायदा उठाएगी यह उसकी क्षमता और रणनीति पर निर्भर करता है।